दक्षिणी सीरिया में हवाई हमलों के बाद जॉर्डन और सीरिया ने बनाई संयुक्त सुरक्षा समिति
दक्षिणी सीरिया में हवाई हमलों के बाद जॉर्डन और सीरिया ने सुरक्षा समिति बनाने का फैसला किया है। जानें क्या है पूरा मामला।

अम्मान/दमिश्क: जॉर्डन और सीरिया ने दक्षिणी सीरिया में हुए हवाई हमलों के बाद एक संयुक्त सुरक्षा समिति बनाने पर सहमति जताई है। यह फैसला दोनों देशों के बीच हुए उच्च स्तरीय संवाद के बाद लिया गया है। इस समिति का मुख्य काम घटना की जांच करना, खुफिया जानकारी साझा करना और आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करना होगा ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
यह पूरा विवाद 26 अक्टूबर 2026 को जॉर्डन द्वारा दक्षिणी सीरिया में किए गए हवाई हमलों से शुरू हुआ। इन हमलों में कम से कम सात नागरिकों की मौत हो गई। सीरियाई स्वास्थ्य मंत्रालय और नागरिक रक्षा विभाग के मुताबिक, मरने वालों में तीन बच्चे, एक महिला और तीन पुरुष शामिल हैं। दारा प्रांत के ग्रामीण इलाके में एक टेंट पर हमला होने से एक ही परिवार के पांच लोगों की जान चली गई।
जॉर्डन ने ये हमले 23 अक्टूबर 2026 को अपने देश के करक में एक ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च पर हुए हमले के जवाब में किए थे। चर्च हमले में नौ लोगों की मौत हुई थी और 25 लोग घायल हुए थे, जिसकी जिम्मेदारी आईएसआईएस ने ली थी। जॉर्डन सरकार के प्रवक्ता मोहम्मद अल-मोमानी ने सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि रॉयल जॉर्डन एयरफोर्स ने आसन्न खतरों से निपटने के लिए आईएसआईएस के ठिकानों को निशाना बनाया था।
इस घटना पर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव भी दिखा। सीरियाई विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को विश्वासघात और अपनी हवाई सीमा का उल्लंघन बताया। वहीं, जॉर्डन के विदेश मंत्री अयमान सफादी ने पहले दमिश्क के साथ समन्वय का दावा किया था, लेकिन बाद में नागरिक हताहतों पर गहरा दुख जताया और सीरिया की संप्रभुता के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
जॉर्डन के विदेश मंत्री अयमान सफादी और सीरियाई विदेश मंत्री असद अल-शैबानी के बीच हुई बातचीत के बाद इस समिति के गठन का निर्णय लिया गया। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत नागरिकों की सुरक्षा की अपील की है। इसी बीच, बुधवार सुबह जॉर्डन और सीरिया के बीच नसीब बॉर्डर क्रॉसिंग को यात्रियों और व्यावसायिक यातायात के लिए फिर से खोल दिया गया है।