जिनेवा में उठा सिंध देश की आजादी का मुद्दा, संयुक्त राष्ट्र से निष्पक्ष जनसंग्रह की मांग.

Nura Basta19 September 20261 min read20 viewsWorld
जिनेवा में उठा सिंध देश की आजादी का मुद्दा, संयुक्त राष्ट्र से निष्पक्ष जनसंग्रह की मांग.

जिनेवा में जेएएमएम के नेताओं ने शफ़ी बुरफत की अपील को अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखा है। नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में सिंध देश की स्वतंत्रता के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष जनमत संग्रह कराने की मांग की है। यह अपील जेएएमएम के चेयरमैन शफ़ी बुरफत के एक बयान के बाद सामने आई है, जिसमें सिंध की ऐतिहासिक पहचान और संस्कृति पर जोर दिया गया है।

सिंध की पहचान और संसाधनों पर खतरा

बयान में सिंध को सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़ा हुआ ऐतिहासिक वतन बताया गया है। नेताओं का कहना है कि सिंधी राष्ट्र एक अलग राष्ट्रीय पहचान रखता है लेकिन उसकी क्षेत्रीय अखंडता और जनसांख्यिकीय पहचान खतरे में है। बुरफत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की नीतियां सिंध के राजनीतिक और आर्थिक वजूद को कमजोर करने का काम कर रही हैं। इसके अलावा सिंध के प्राकृतिक संसाधनों जैसे तेल, गैस, कोयला और कृषि भूमि को पंजाब भेजने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

डेमोग्राफिक इंजीनियरिंग और मानवाधिकारों का मुद्दा

जेएएमएम के नेताओं ने आरोप लगाया कि सिंध के बड़े शहरों में बाहर के लोगों को बसाया जा रहा है ताकि स्थानीय लोगों को अल्पसंख्यक बनाया जा सके। इस प्रक्रिया को डेमोग्राफिक नरसंहार करार दिया गया है। साथ ही राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध, कार्यकर्ताओं की गैरकानूनी हिरासत और जबरन गायब किए जाने के मामलों पर भी चिंता जताई गई है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील

जेएएमएम के नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से अपील की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें। उन्होंने कहा कि इसे केवल पाकिस्तान का अंदरूनी मामला नहीं माना जाना चाहिए बल्कि यह एक ऐतिहासिक राष्ट्र के राजनीतिक अधिकारों और अस्तित्व का सवाल है।

Share:

Comments

Leave a comment