कराची में अग्नि सुरक्षा की खुली पोल, सैकड़ों इमारतें बनीं मौत का जाल

Gautam Sahu9 October 20262 min read0 viewsWorld
कराची में अग्नि सुरक्षा की खुली पोल, सैकड़ों इमारतें बनीं मौत का जाल

पाकिस्तान के कराची शहर में अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) के इंतजामों की बदहाल स्थिति ने आम जनता की जान खतरे में डाल दी है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, सिंध प्रांत की सैकड़ों इमारतें आगजनी के खतरों के प्रति बेहद संवेदनशील हैं, क्योंकि वहां न तो समय पर निरीक्षण किया गया और न ही बचाव के पुख्ता इंतजाम किए गए। यह स्थिति बेहद डरावनी है क्योंकि शहर की बड़ी आबादी इन असुरक्षित ढांचों में रह रही है और काम कर रही है।

सिंध के सबसे संवेदनशील क्षेत्र के रूप में उभरे कराची में 162 ऐसी इमारतें मिली हैं जो अनिवार्य फायर सेफ्टी मानकों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रही हैं। प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) के आंकड़ों ने प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया है। शहर की पहचान की गई 907 इमारतों में से केवल 292 का ही दूसरे चरण का निरीक्षण हो पाया है, जबकि 615 इमारतें अभी भी दोबारा जांच के इंतजार में हैं।

क्षेत्रवार असुरक्षित इमारतों का हाल

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अगर जिलों की बात करें तो कराची का जिला दक्षिण (District South) सबसे खराब स्थिति में है, जहां 57 इमारतें मानकों पर खरी नहीं उतरीं। इसके बाद सेंट्रल में 45, कोरंगी में 23, ईस्ट में 15, वेस्ट में 11, मलीर में सात और कीमारी में चार असुरक्षित इमारतें दर्ज की गई हैं। यह संकट सिर्फ कराची तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सिंध प्रांत में फैला हुआ है। प्रांत भर में चिन्हित 3,486 इमारतों में से 2,216 का पुन: निरीक्षण होना अभी बाकी है।

जोखिम मूल्यांकन के अनुसार, प्रांत में 486 इमारतों को 'हाई रिस्क' यानी अत्यधिक खतरनाक श्रेणी में रखा गया है, जबकि 1,199 मध्यम जोखिम और 1,829 कम जोखिम वाली संपत्तियां हैं। हैदराबाद में भी स्थिति चिंताजनक है, जहां 1,295 चिन्हित इमारतों में से 943 का पुन: मूल्यांकन होना बाकी है।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए 7 अक्टूबर को कराची कमिश्नर सैयद हसन नकवी ने एक आपातकालीन बैठक की। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। कमिश्नर ने आदेश दिया है कि जिन इमारतों में आग बुझाने के इंतजाम नहीं हैं, उन्हें तुरंत नोटिस जारी किए जाएं। साथ ही, सिंध बिल्डिंग कंट्रोल अथॉरिटी को निर्देश दिया गया है कि वह अनुमोदित बिल्डिंग प्लान पोर्टल पर अपलोड करे ताकि आपातकालीन स्थिति में बचाव दल को मदद मिल सके। अब इस जांच के दायरे को बढ़ाकर अस्पतालों, स्कूलों और औद्योगिक इकाइयों तक ले जाने का फैसला किया गया है।

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