कराची: नहर पर व्यावसायिक निर्माण के खिलाफ प्रदर्शन, बाढ़ का खतरा

कराची (पाकिस्तान): कराची के क्लिफ्टन इलाके में नेहर-ए-ख़य्याम के किनारे प्रस्तावित व्यावसायिक निर्माण के खिलाफ स्थानीय निवासी और पर्यावरण कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस परियोजना से शहर की जल निकासी व्यवस्था, सार्वजनिक जगहें और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र तीनों पर खतरा है। डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन निर्माण स्थल पर हुआ और तुरंत काम रोकने की मांग की गई।
प्रदर्शन में क्लिफ्टन ब्लॉक 5 रेजिडेंट्स एसोसिएशन, क्लिफ्टन डिफेंस कम्युनिटी और कराची रेजिडेंट्स कम्युनिटी (डिस्ट्रिक्ट साउथ) के लोग शामिल थे। हाथ में पोस्टर लिए लोगों ने परियोजना में पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि नहर का रास्ता संकरा किया गया तो बारिश का पानी निकलने की क्षमता घटेगी और शहर में जलभराव और बाढ़ का जोखिम बढ़ेगा। कुछ पोस्टरों में प्रस्तावित "फूड स्ट्रीट" का भी विरोध किया गया।
पारदर्शिता पर सवाल और मांगें
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि परियोजना के स्वीकृत नक्शे, जमीन की सीमा, पर्यावरणीय आकलन, सिंध एनवायरनमेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी के फैसले, ठेके और खर्च का पूरा ब्योरा सार्वजनिक किया जाए। निवासी हुम्मा अहमद ने सवाल उठाया कि इतने बड़े व्यावसायिक प्रोजेक्ट पर सार्वजनिक सूचना बोर्ड तक क्यों नहीं लगाया गया। उनके मुताबिक, लोगों को यह भी नहीं पता कि आखिर यहां क्या बन रहा है।
क्लिफ्टन डिफेंस कम्युनिटी और क्लिफ्टन ब्लॉक 5 रेजिडेंट्स एसोसिएशन से जुड़ी हुमैरा खान ने चिंता जताई कि शहर की नालियों के जरिए बिना पूरी तरह साफ किया गया गंदा पानी समुद्र में जा रहा है। इससे समुद्री जीवन को नुकसान पहुंच सकता है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें इस तरह रहीं:
- नहर की जमीन पर कोई दुकान या व्यावसायिक ढांचा न बने।
- सार्वजनिक खुली जगहों को सुरक्षित रखा ज