कराची में पुलिस मुठभेड़ों में 10 महीने में 200 संदिग्ध मारे गए, HRCP ने उठाए सवाल
कराची पुलिस ने 10 महीने में करीब 200 संदिग्धों को एनकाउंटर में मार गिराया। HRCP ने इसे एक्स्ट्राज्यूडिशियल किलिंग बताते हुए चिंता जताई है।

कराची (पाकिस्तान): कराची पुलिस ने इस साल के पहले 10 महीनों में कथित एनकाउंटरों में करीब 200 संदिग्ध स्ट्रीट अपराधियों को मार गिराया है। पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले इन मौतों में 80 प्रतिशत का भारी इजाफा हुआ है। ह्यूमन राइट्स कमीशन ऑफ पाकिस्तान (HRCP) ने एक्स्ट्राज्यूडिशियल किलिंग यानी न्यायिक प्रक्रिया के बाहर हत्याओं में हुई इस बढ़ोतरी पर गहरी चिंता जताई है।
पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी से 25 अक्टूबर के बीच कुल 1,437 एनकाउंटर हुए, जिनमें 197 संदिग्ध मारे गए। पिछले साल इसी समय के दौरान 109 संदिग्ध मारे गए थे। वहीं, इन मुठभेड़ों में 1,426 संदिग्ध घायल हुए हैं, जो 2025 की समान अवधि में घायल हुए 849 संदिग्धों की तुलना में 67.9 प्रतिशत अधिक है। एनकाउंटरों की कुल संख्या भी पिछले साल के 840 से बढ़कर 71 प्रतिशत बढ़ गई है।
HRCP के चेयरमैन असद इकबाल बट ने इन मौतों की आलोचना करते हुए इन्हें एक्स्ट्राज्यूडिशियल किलिंग करार दिया है। उन्होंने कहा कि पुलिस मुठभेड़ों में मौत का यह चलन, जो पहले पंजाब पुलिस से जुड़ा था, अब कराची में भी फैलता दिख रहा है। बट ने पंजाब में हाल ही में किए गए एक फैक्ट-फाइंडिंग एक्सरसाइज का जिक्र करते हुए बताया कि वहां आठ महीनों में कथित मुठभेड़ों में करीब 1,000 संदिग्ध मारे गए थे।
असद इकबाल बट ने ऐसे ऑपरेशनों की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 'फुल फ्राई' और 'हाफ फ्राई' जैसे शब्द सामने आए, लेकिन इनसे आपराधिक गतिविधियों में कोई कमी नहीं आई। उनके मुताबिक, सार्वजनिक सुरक्षा सुधारने के लिए संदिग्धों को मारने के बजाय प्रोफेशनल पुलिसिंग, वैज्ञानिक जांच और न्यायिक सुधारों की जरूरत है।
दूसरी तरफ, कराची पुलिस के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने इन ऑपरेशनों का बचाव किया है। उन्होंने दावा किया कि ये मुठभेड़ असली थीं और आमतौर पर लूटपाट के पीड़ितों की शिकायतों के बाद की गईं। अधिकारियों ने इस बढ़ोतरी का कारण गश्त में तेजी, स्नैप-चेकिंग और कई जिलों में शाहीन फोर्स का विस्तार बताया।
हालांकि, आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी नहीं दी गई है कि इन 1,437 मुठभेड़ों के दौरान कितने पुलिसकर्मी घायल हुए। कराची पुलिस प्रमुख आजाद खान ने एनकाउंटर में हुई मौतों की जांच और जवाबदेही तय करने वाले तंत्र से जुड़े सवालों का कोई जवाब नहीं दिया।