कराची में बिजली संकट: LNG की कमी से K-Electric की चरणबद्ध कटौती

Gautam Sahu10 October 20262 min read0 viewsWorld
कराची में बिजली संकट: LNG की कमी से K-Electric की चरणबद्ध कटौती

पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में लोगों को एक बार फिर अंधेरे और उमस भरे घंटों के लिए तैयार रहना पड़ रहा है। बिजली कंपनी K-Electric ने शहर में चरणबद्ध लोडशेडिंग का ऐलान किया है, जिससे कराची बिजली संकट और गहरा गया है। ARY News के हवाले से ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, बिजली नेटवर्क पर दबाव बढ़ गया है। इसकी वजह ओवरलोडिंग और तरल प्राकृतिक गैस (LNG) की कमी बताई जा रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने अलग-अलग चरणों में एक-एक घंटे की कटौती की योजना बनाई है। कई ग्रिड स्टेशनों से जुड़े फीडर बंद कर दिए गए हैं, इसलिए शहर के बड़े हिस्से में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। जो लोग पहले से ही अनियमित बिजली से परेशान थे, उनकी चिंता अब और बढ़ गई है।

किन इलाकों पर पड़ी सबसे ज़्यादा मार

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कटौती की सूची काफी लंबी है। सदर, क्लिफ्टन, डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी (DHA) और कोरंगी में लोगों को बिजली गुल होने की शिकायत है। ओरंगी, लियाकताबाद, नॉर्थ कराची, नॉर्थ नाज़िमाबाद, मालिर, लांधी, SITE, बलदिया और मारीपुर में भी यही हाल बताया गया है।

गुलशन-ए-इक़बाल, गुलिस्तान-ए-जौहर, गुलशन-ए-हदीद और स्कीम 33 भी प्रभावित इलाकों में शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पुराने शहर और रज़्ज़ाकाबाद के कुछ हिस्सों में तो भारी कटौती झेलनी पड़ी। बिजली कंपनी का कहना है कि वह नेटवर्क पर पड़ रहे बोझ को संभालने के लिए ये कदम उठा रही है। हालांकि रिपोर्ट में LNG की कमी को ही स्थिर आपूर्ति में आ रही मुश्किलों की मुख्य वजह माना गया है।

इसी बीच नियामक संस्था NEPRA (नेशनल इलेक्ट्रिक पावर रेगुलेटरी अथॉरिटी) ने K-Electric के खिलाफ कार्रवाई की है। मामला उस तरीके का है, जिसमें कंपनी एग्रीगेट टेक्निकल एंड कमर्शियल (ATC) लॉस के आधार पर फीडरों पर लोडशेडिंग करती है। NEPRA ने इसे गैरकानूनी करार दिया है और कंपनी से कहा है कि फीडर के नुकसान के आधार पर बिना सूचना दिए की जा रही कटौती तुरंत रोकी जाए।

नियामक का रुख साफ है। जो उपभोक्ता नियमित रूप से बिल भरते हैं, उनकी बिजली सिर्फ इसलिए नहीं काटी जानी चाहिए कि वे ज़्यादा नुकसान वाले फीडर से जुड़े हैं। अब देखना यह है कि गैस की कमी से जूझ रही K-Electric एक तरफ नेटवर्क संभालती है और दूसरी तरफ नियामक के निर्देशों का पालन कैसे करती है। फिलहाल कराची के लोगों के लिए राहत की कोई साफ तारीख सामने नहीं आई है।

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