काठमांडू में एलपीजी गैस का भारी संकट, खाली सिलेंडर लेकर सुबह से ही भटक रहे आम लोग.

Nura Basta10 September 20262 min read15 viewsWorld
काठमांडू में एलपीजी गैस का भारी संकट, खाली सिलेंडर लेकर सुबह से ही भटक रहे आम लोग.

नेपाल की राजधानी काठमांडू घाटी में इन दिनों खाना पकाने वाली एलपीजी गैस की भारी किल्लत देखने को मिल रही है, जिससे आम जनता की परेशानियां काफी बढ़ गई हैं। स्थिति यह है कि लोग सुबह सवेरे से ही अपने घरों से खाली सिलेंडर उठाकर गैस डिपो के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं लेकिन इसके बावजूद उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। बाजार में स्थिति का फायदा उठाकर खुलेआम कालाबाजारी भी की जा रही है, जिससे आम आदमी का जीना मुहाल हो गया है।

कागजी आंकड़े और जमीनी सच्चाई में बड़ा अंतर

सरकारी आंकड़ों और जमीनी हकीकत के बीच एक बहुत बड़ा अंतर साफ नजर आ रहा है। नेपाल आयल निगम द्वारा जारी किए गए विवरण के अनुसार, हाल ही में केवल तीन दिनों के भीतर कुल 87,877 सिलेंडर काठमांडू भेजे गए हैं। निगम का यह दावा है कि इतनी बड़ी मात्रा में गैस घाटी के अंदर पहुंचाई जा चुकी है। हालांकि, इतनी भारी सप्लाई के बाद भी आम उपभोक्ताओं को गैस की एक बूंद भी नसीब नहीं हो रही है।

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नेपाल आयल निगम के अधिकारियों का कहना है कि ये सभी आंकड़े पूरी तरह से गैस उद्योगपतियों और व्यवसायियों द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि गैस आखिर किस डिपो तक पहुंची और उसे असल में उपभोक्ताओं के बीच कितना बांटा गया, इसकी कोई प्रभावी निगरानी नहीं की जा रही है। इसी लापरवाही के कारण पूरी आपूर्ति व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है और लोग ठंड या बिना गैस के खाना बनाने को लेकर परेशान हैं।

रोजाना की खपत और खाली सिलेंडरों का गणित

इस पूरे संकट पर बात करते हुए नेपाल आयल निगम के प्रवक्ता मनोज कुमार ठाकुर ने मीडिया को बताया कि अकेले काठमांडू घाटी में रोजाना लगभग 35 हजार से 40 हजार सिलेंडरों की खपत होती है। मौजूदा समय में स्थिति यह है कि अनुमानित 12 से 15 लाख खाली सिलेंडर लोगों के घरों और अलग-अलग गोदामों में बेकार पड़े हुए हैं।

प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि इतने सारे खाली सिलेंडरों को एक साथ दोबारा भरने के लिए सामान्य दिनों से कहीं अधिक मात्रा में गैस की आवश्यकता है। इतनी बड़ी डिमांड को अचानक पूरा करना आसान नहीं है और इसी वजह से पूरी व्यवस्था को पटري पर लौटने में अभी कुछ और समय लग सकता है। अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि जल्द से जल्द लोगों को राहत पहुंचाई जा सके।

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