Kuwait Chamber ने दी बड़ी चेतावनी, अरब देशों को नौकरियों के लिए बदलना होगा आर्थिक मॉडल वरना बढ़ेगी मुश्किलें

Sushma Kumari14 September 20262 min read22 viewsKuwait
Kuwait Chamber ने दी बड़ी चेतावनी, अरब देशों को नौकरियों के लिए बदलना होगा आर्थिक मॉडल वरना बढ़ेगी मुश्किलें

कुवैत चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री यानी KCCI ने अरब देशों के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है। संस्था ने साफ कहा है कि अगर खाड़ी और अन्य अरब देशों को नौकरियां पैदा करनी हैं और अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत रखना है, तो उन्हें एक नई आर्थिक नीति अपनानी होगी। 14 सितंबर 2026 को KCCI के सहायक महानिदेशक Firas Al-Awda ने यह बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बिना सोचे-समझे और बिना किसी ठोस आर्थिक ढांचे के ये देश मध्यम आय वाले वर्ग के जाल में फंसे रहेंगे और लोगों के लिए पर्याप्त नौकरियां पैदा नहीं कर पाएंगे। इस पूरी जानकारी को कुवैत की आधिकारिक समाचार एजेंसी KUNA द्वारा भी प्रमुखता से प्रसारित किया गया है।

अरेबियन लेबर कॉन्फ्रेंस में उठी रोजगार की बात

यह पूरी बातचीत काहिरा में चल रहे 52वें अरब लेबर कॉन्फ्रेंस के दौरान सामने आई। यह सम्मेलन रविवार को शुरू हुआ था और इसका समापन 20 सितंबर 2026 को तय किया गया है। कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए Firas Al-Awda ने बताया कि इस समय पूरे क्षेत्र में आर्थिक विकास की जो रफ्तार चल रही है, वह बेरोजगारी और गरीबी जैसी बड़ी समस्याओं से निपटने के लिए बिल्कुल भी काफी नहीं है। उनका यह भी कहना था कि आर्थिक तरक्की का सीधा फायदा आम जनता के जीवन स्तर को सुधारने में दिखना चाहिए ताकि लोग लेबर मार्केट में ज्यादा से ज्यादा हिस्सा ले सकें और उनकी जिंदगी बेहतर हो सके।

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पारंपरिक छोटे उद्योगों को बचाना बेहद जरूरी

आज के समय में तकनीक बहुत तेजी से बदल रही है और इसके आने से पुराने और पारंपरिक नौकरी वाले सेक्टरों पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है। KCCI ने इस बात पर जोर दिया है कि सरकारों को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जो कामगारों को आने वाले समय के लिए पूरी तरह तैयार कर सकें। हालांकि डिजिटल स्टार्टअप्स का चलन तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन Firas Al-Awda ने आगाह किया कि हमें पारंपरिक छोटे और मध्यम उद्योगों यानी SMEs को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये छोटे बिजनेस ही असल में बड़े पैमाने पर नौकरियां पैदा करने का मुख्य जरिया होते हैं।

अक्सर देखा गया है कि जो कंपनियां पूरी तरह तकनीक और ऑटोमेशन पर चलती हैं, वे कम लोगों को काम पर रखती हैं जबकि पारंपरिक और लेबर-इंटेंसिव बिजनेस में ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलता है। इसी वजह से चैंबर औद्योगिक, पर्यावरणीय और डिजिटल सेक्टरों में छोटे कारोबारियों और नई सोच वाले लोगों को बढ़ावा देने की लगातार मांग कर रहा है। काहिरा में चल रही इस क्षेत्रीय बैठक के दौरान KCCI जलवायु परिवर्तन के असर से निपटने के लिए कार्यस्थलों में जरूरी बदलाव करने की भी पुरजोर वकालत कर रहा है, ताकि खाड़ी देशों के तमाम युवाओं और कामगारों का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित रह सके।

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