केरल के मुख्यमंत्री VD Satheesan ने नई दिल्ली में Palestinian Ambassador से की मुलाकात, आपसी रिश्तों पर हुई चर्चा

नई दिल्ली में एक अहम राजनीतिक मुलाकात के दौरान केरल के मुख्यमंत्री VD Satheesan ने शुक्रवार को भारत में फलस्तीन के राजदूत Abdullah M Abu Shawesh से मुलाकात की। यह मुलाकात देश की राजधानी नई दिल्ली में हुई, जिसमें दोनों पक्षों के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत करने और भविष्य के कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। इस बैठक में मुख्यमंत्री के साथ सांसद Shri Haris Beeran भी मौजूद रहे।
रिश्तों को मजबूत करने पर हुई बात
समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए राजदूत Abu Shawesh ने बताया कि केरल के मुख्यमंत्री के साथ उनकी यह पहली मुलाकात थी जिसे उन्होंने बेहद खुशी और सम्मान का पल बताया। उन्होंने कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य फलस्तीन और केरल के बीच आपसी सहयोग को बढ़ाना और दोनों क्षेत्रों के बीच विभिन्न कार्यक्रमों की संभावनाओं को तलाशना था। फलस्तीनी दूत ने भारत और फलस्तीन के बीच पुराने और ऐतिहासिक संबंधों का भी जिक्र किया।
इतिहास को सुरक्षित रखने की जरूरत
राजदूत Abu Shawesh ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि भारत और फलस्तीन के साझा इतिहास को सुरक्षित रखने की बहुत जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस साझा इतिहास को बदलने की लगातार कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि भारत और फलस्तीन के लोग मिलकर अपने साझा इतिहास के रिकॉर्ड की सच्चाई को बचाकर रखें।
ब्रिक्स समिट का किया जिक्र
हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित हुए BRICS Summit का जिक्र करते हुए फलस्तीनी राजदूत ने भारत और प्रधानमंत्री Narendra Modi को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में फलस्तीन का प्रतिनिधित्व भी था और सम्मेलन के घोषणापत्र में फलस्तीन का मुद्दा भी शामिल किया गया था। ब्रिक्स देशों ने एक बार फिर दो-राष्ट्र समाधान यानी two-state solution का समर्थन किया है और फलस्तीनी जनता से जुड़े मुद्दों पर बात की है।
राजदूत ने यह भी स्पष्ट किया कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री VD Satheesan के साथ हुई इस बैठक में गाजा के पुनर्निर्माण या वहां के लोगों को दी जाने वाली सहायता पर कोई चर्चा नहीं हुई। इस तरह के मामलों पर मुख्य रूप से देश की केंद्र सरकार यानी Union government के साथ बातचीत की जाएगी। इस मुलाकात से दोनों क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक और कूटनीतिक संवाद को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।