Kerala के डिज़ाइनर Muhammed Bilal का कमाल, UAE के सरकारी डाक टिकटों पर छपी उनकी कला

Sushma Kumari9 September 20262 min read22 viewsUAE
Kerala के डिज़ाइनर Muhammed Bilal का कमाल, UAE के सरकारी डाक टिकटों पर छपी उनकी कला

केरल के कोझिकोड जिले के रहने वाले 28 साल के भारतीय डिज़ाइनर Muhammed Bilal ने यूएई में एक बहुत बड़ा मुकाम हासिल किया है। उनकी बनाई गई छह बेहतरीन डिज़ाइन को Emirates Post के आधिकारिक कमोमेरेटिव यानी स्मारक डाक टिकट संग्रह में शामिल किया गया है। यह गर्व की बात हर उस भारतीय के लिए है जो विदेश में रहकर अपनी मेहनत और कला के दम पर देश का नाम रोशन कर रहा है।

कैसे मिला यह खास मौका

मुहम्मद बिलाल पिछले लगभग नौ साल से Sharjah Institute for Heritage में सीनियर डिज़ाइनर के रूप में काम कर रहे हैं। Sharjah Heritage Days के 23वें संस्करण के लिए उन्होंने कुल आठ विजुअल कॉन्सेप्ट तैयार किए थे, जिनमें से छह को अमीरात पोस्ट और शारजाह हेरिटेज इंस्टीट्यूट के संयुक्त संस्करण के लिए चुन लिया गया। इस बात की जानकारी 9 सितंबर 2026 को एक रिपोर्ट के माध्यम से सामने आई थी। बिलाल ने इस प्रोजेक्ट में अपनी खुद की और संस्थान के फोटोग्राफर्स की खींची गई तस्वीरों का इस्तेमाल करके एक बेहतरीन और अनोखी विजुअल भाषा तैयार की।

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क्या है इस कला की थीम

इस विशेष डाक टिकट संग्रह का नाम “The Radiance of Authenticity” रखा गया है। इसके तहत छह अलग-अलग थीम तय की गईं, जिनके नाम “The Cannon of Joy”, “The Spirit of Authenticity”, “The Joy of Return”, “The Light of the Path”, “The Blessing of the Home” और “Steps for the Future” हैं। शारजाह हेरिटेज इंस्टीट्यूट की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, यह पहला मौका था जब इस फेस्टिवल के दो दशकों के इतिहास में कोई स्मारक डाक टिकट जारी किया गया हो। इस टिकट को फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह के दौरान शारजाह के शासक Sheikh Dr. Sultan bin Mohammed Al Qasimi ने अपने हस्ताक्षर के साथ जारी किया। यह 23वां शारजाह हेरिटेज फेस्टिवल 4 से 15 फरवरी 2026 तक हार्ट ऑफ़ शारजाह जिले में आयोजित हुआ था, जिसमें 27 देशों के 265 से अधिक कारीगरों ने हिस्सा लिया था।

भारत से यूएई तक का सफर

मुहम्मद बिलाल ने अपने डिज़ाइनिंग करियर की शुरुआत अपने गृह राज्य केरल से ही की थी और इसके बाद साल 2017 में वे यूएई चले गए। शारजाह इंस्टीट्यूट में काम करते हुए उन्होंने अरबी भाषा सीखी और अमीराती संस्कृति व विरासत को बहुत करीब से समझा। उनके पिता Hameed KT भी इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं। बिलाल ने इससे पहले भी यूएई के कई बड़े प्रोजेक्ट्स में अपना योगदान दिया है। उन्होंने Expo 2020 Dubai के लिए भी विजुअल काम किया है, इसके अलावा पब्लिक इंस्टॉलेशन और अल घुबैबा से हार्ट ऑफ़ शारजाह को जोड़ने वाले मरीन रूट मैप में भी उनका काम शामिल रहा है। अब उनकी ये कलाकृतियां यूएई के आधिकारिक पोस्टल आर्काइव्स का हिस्सा बन चुकी हैं और Emirates Post की आधिकारिक ऑनलाइन शॉप पर भी उपलब्ध हैं।

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