केरल के तकनीशियन को यूएई में सड़क हादसे के बाद मिला भारी मुआवजा

विदेशों में जाकर आजीविका कमाने वाले प्रवासियों की राह कभी आसान नहीं होती। कई बार जिंदगी ऐसे मोड़ पर ले आती है जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होती। ऐसा ही कुछ यूएई में काम करने वाले केरल के एक लिफ्ट तकनीशियन के साथ हुआ, जिन्हें एक भीषण सड़क हादसे में अपना एक पैर गंवाना पड़ा। हालांकि, लंबी कानूनी लड़ाई के बाद उन्हें अदालत के जरिए बड़ी राहत और मुआवजा मिला है।
अजमान में हुआ था दर्दनाक हादसा
केरल के रहने वाले 38 वर्षीय सुधीर पिछले 15 वर्षों से खाड़ी देशों में रहकर काम कर रहे थे। एक दिन वे अपनी कंपनी के वाहन में अन्य कर्मचारियों के साथ काम की जगह पर जा रहे थे, तभी गाड़ी अनियंत्रित हो गई। चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी एक पैदल यात्री पुल तथा बिजली के खंभे से जा टकराई। इस भयानक दुर्घटना में सुधीर गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के तुरंत बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों को उनकी जान बचाने के लिए उनके बाएं पैर को घुटने के नीचे से काटना पड़ा। उनके दूसरे पैर में भी गंभीर चोटें आईं, जिनका इलाज अभी भी जारी है। इस दुर्घटना ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी और वे अपने पुराने पेशे में दोबारा काम करने के अयोग्य हो गए।
कानूनी लड़ाई और मुआवजे का सफर
इस हादसे के बाद न्याय पाने के लिए बीमा कंपनी के खिलाफ कानूनी कदम उठाया गया। स्थायी विकलांगता और भविष्य में कमाने की क्षमता खत्म होने का हवाला देते हुए अदालत में याचिका दायर की गई। शुरुआत में दुबई कोर्ट ऑफ फर्स्ट इंस्टेंस ने मुआवजे के तौर पर एक राशि तय की, जिसे बाद में अपील के बाद बढ़ा दिया गया।
अंततः बीमा प्रदाता द्वारा अदालत के खर्चों को मिलाकर कुल 6,55,341 दिरहम की राशि सुधीर के खाते में जमा कर दी गई। हालांकि, सुधीर के कानूनी सलाहकारों का मानना है कि यह राशि उनके और उनके परिवार के भविष्य के भरण-पोषण के लिए नाकाफी है, क्योंकि वे अब पहले की तरह काम करने में असमर्थ हैं। इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही अभी भी जारी है।