Kerala Tourism: केरल में गल्फ पर्यटकों की भारी भीड़, ओमान बना देश का तीसरा बड़ा विदेशी बाजार

केरल में पिछले कुछ समय से गल्फ देशों यानी खाड़ी देशों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक गल्फ बाजार अब राज्य के लिए सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्रोतों में से एक बन गया है। साल 2025 के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार ओमान से कुल 65,132 विदेशी सैलानी केरल पहुंचे, जबकि सऊदी अरब से 31,593 और यूएई यानी संयुक्त अरब अमीरात से 26,255 पर्यटकों ने केरल का रुख किया। इस तरह ओमान ने बाकी देशों को पीछे छोड़ते हुए ब्रिटेन और अमेरिका के बाद केरल का तीसरा सबसे बड़ा पर्यटन स्रोत बाजार बनने का गौरव हासिल किया है।
गल्फ देशों से पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
साल 2025 के दौरान कुल छह प्रमुख जीसीसी देशों यानी यूएई, सऊदी अरब, ओमान, कतर, कुवैत और बहरीन से लगभग 1.36 लाख विदेशी पर्यटकों ने केरल की यात्रा की। साल 2024 में यह आंकड़ा 1.08 लाख था, जो इस बार करीब 26 प्रतिशत की बड़ी बढ़त को दिखाता है। इन छह गल्फ बाजारों के पर्यटकों की कुल संख्या ने अकेले फ्रांस और जर्मनी से आने वाले कुल सैलानियों को पीछे छोड़ दिया है। इस पूरी रिपोर्ट के बारे में आप विस्तार से Gulfhindi.com पर पढ़ सकते हैं।
दुबई में आयोजित अरेबियन ट्रैवल मार्केट 2026 के दौरान केरल के पर्यटन, संस्कृति और सिनेमा मंत्री पी.सी. विष्णुनाथ ने जानकारी दी कि गल्फ क्षेत्र राज्य के पर्यटन विकास के लिए एक बहुत ही रणनीतिक बाजार है। उन्होंने खास तौर पर ओमान की विकास दर का जिक्र किया जो लगभग 69.7 प्रतिशत रही है, क्योंकि साल 2024 में ओमान से 38,387 पर्यटकों ने यात्रा की थी जो 2025 में बढ़कर 65,132 हो गई। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक साल 2025 में ब्रिटेन की हिस्सेदारी 14.86 प्रतिशत, अमेरिका की 13.09 प्रतिशत और ओमान की 7.92 प्रतिशत रही। वहीं जर्मनी और फ्रांस की हिस्सेदारी क्रमशः 5.98 प्रतिशत और 5.72 प्रतिशत दर्ज की गई। इसके अलावा सऊदी अरब और यूएई ने 3.84 प्रतिशत और 3.19 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ नौवां और दसवां स्थान हासिल किया। कुल मिलाकर जीसीसी देशों की हिस्सेदारी केरल आने वाले कुल विदेशी पर्यटकों में लगभग 16.5 प्रतिशत रही।
कुल विदेशी पर्यटकों के आंकड़े और चुनौतियां
साल 2025 में केरल आने वाले कुल विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़कर 821,999 पहुंच गई, जो साल 2024 के 738,374 पर्यटकों की तुलना में 11.33 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है। हालांकि कोविड महामारी से पहले साल 2019 में दर्ज किए गए 1.19 मिलियन यानी 11.9 लाख पर्यटकों के मुकाबले ये आंकड़े अभी भी 30.91 प्रतिशत कम हैं। पर्यटन क्षेत्र को दोबारा पटरी पर लाने के लिए राज्य सरकार अपने मानसून सीजन को एक प्रीमियम पर्यटन उत्पाद के रूप में बढ़ावा दे रही है, ताकि गल्फ की चिलचिलाती गर्मी से राहत पाने के लिए अरब परिवार केरल का रुख कर सकें। सरकार आयुर्वेद, वेलनेस और सांस्कृतिक अनुभवों पर भी विशेष जोर दे रही है, साथ ही कोच्चि, मुन्नार और कोवलम जैसे पारंपरिक स्थानों के अलावा नए पर्यटन स्थलों को भी बढ़ावा देने में जुटी है।
पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की इस मुहिम में विमानन कनेक्टिविटी यानी हवाई सफर सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। मंत्री विष्णुनाथ ने बताया कि राज्य सरकार उड़ानों की संख्या, सीटों की उपलब्धता और अचानक बढ़ने वाले हवाई किरायों की समस्या को हल करने के लिए एमिरेट्स एयरलाइन और विमानन अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत कर रही है। आने वाले समय को ध्यान में रखते हुए केरल सरकार ने 'इండో-अरब कनेक्ट' नाम से एक नई पहल शुरू की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य अगले पांच वर्षों में 300,000 अतिरिक्त अरब पर्यटकों को केरल की ओर आकर्षित करना है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था पर लगभग 25,000 करोड़ रुपये का सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। साल 2025 में घरेलू और विदेशी दोनों पर्यटकों को मिलाकर केरल की कुल अनुमानित पर्यटन आय 50,702.34 करोड़ रुपये रही, जिसमें अकेले विदेशी पर्यटकों से होने वाली आय लगभग 7,382.02 करोड़ रुपये आंकी गई है।