ख्वाजा आसिफ का पीटीआई पर तीखा हमला, बोले- बुलेट प्रूफ गाड़ियों में 'चूहों की तरह छिपे' हैं नेता

पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर शब्दों की जंग तेज हो गई है। पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेताओं पर बेहद तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीटीआई के कार्यकर्ता तो सड़कों पर हथियार लेकर घूम रहे हैं, लेकिन पार्टी के बड़े नेता डर के मारे बुलेट प्रूफ और बम प्रूफ सरकारी गाड़ियों में चूहों की तरह छिपे बैठे हैं।
यह विवाद उस समय और गहरा गया जब इस्लामाबाद मार्च को लेकर सरकार और पीटीआई के बीच चल रही बातचीत पूरी तरह विफल हो गई। ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पीटीआई के वरिष्ठ सदस्य खुलेआम अदालत के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग अदालती आदेशों का सम्मान नहीं कर रहे, वे सरकार के साथ किसी समझौते का सम्मान कैसे करेंगे?
बातचीत नाकाम, सड़कों पर उतरा विरोध
रक्षामंत्री ने आगे कहा कि पीटीआई सरकारी संसाधनों का गलत इस्तेमाल कर रही है और हथियारों से लैस काफिलों के जरिए अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने नेशनल एक्शन प्लान का जिक्र करते हुए कहा कि सभी पक्ष इस पर सहमत थे, लेकिन पीटीआई इसे मानने को तैयार नहीं है।
दूसरी तरफ, पीटीआई की ओर से भी पलटवार हुआ है। पार्टी के महासचिव सलमान अकरम राजा ने दावा किया कि बातचीत इसलिए नाकाम हुई क्योंकि संघीय सरकार अपनी जिद पर अड़ी थी। राजा के अनुसार, सरकार चाहती थी कि खैबर पख्तूनख्वा में की गई एकतरफा आतंकवाद-विरोधी कार्रवाई को प्रांतीय सरकार अपनी उपलब्धि मान ले, जिसे पीटीआई ने स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
इस तनाव के बीच खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मरवत में मुख्यमंत्री मोहम्मद सुहैल खान अफरीदी ने मार्च शुरू कर दिया है। वहीं, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के केंद्रीय महासचिव मोहम्मद हुमायूं खान ने इस टकराव पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि सड़कों को जाम करने और राजनीतिक अनिश्चितता से आम जनता और व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने दोनों पक्षों से अपील की है कि वे व्यक्तिगत मतभेदों को भुलाकर बातचीत के जरिए समाधान निकालें ताकि देश में स्थिरता आ सके।