खैबर पख्तूनख्वा में संकट: गवर्नर रूल लागू, PTI रैली पर रोक

स्वाबी (पाकिस्तान): पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में खैबर पख्तूनख्वा संकट लगातार गहराता जा रहा है। रविवार को स्वाबी जिले में पुलिस ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए एक के बाद एक कई छापे मारे। मकसद साफ था, पूर्व मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी के संबोधन वाली बड़ी रैली को होने से रोकना।
रैली शेवा अड्डा इलाके में होनी थी, जो रज़ार तहसील में आता है। डॉन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार शाम अफरीदी को वहां पहुंचकर समर्थकों को संबोधित करना था। लेकिन गवर्नर रूल और आपातकाल की घोषणा के बाद हालात बदल गए और कार्यक्रम बाधित हो गया। सूत्रों के हवाले से खबर है कि कुछ पीटीआई नेताओं ने कार्यकर्ताओं से जमावड़ा शेवा अड्डा के रज़ार स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में ले जाने को कहा।
पुलिस ने शेवा अड्डा और आसपास के इलाकों में लगातार गश्त की। जिला मुख्यालय के कर्नल शेर खान चौक पर भारी पुलिस तैनाती की गई, ताकि किसी भी विरोध प्रदर्शन को तुरंत काबू किया जा सके। इस्लामाबाद-पेशावर मोटरवे पर भी पुलिस बल तैनात किया गया।
इस पूरे घटनाक्रम की जड़ संघीय सरकार का वह फैसला है, जिसके तहत प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ की कैबिनेट की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 232 और 234 के तहत आपातकाल लागू किया। इससे विपक्ष द्वारा शासित प्रांतीय सरकार के अधिकार सीमित हो गए और नियंत्रण संघीय सरकार के हाथ में चला गया। इस्लामाबाद का कहना है कि पीटीआई की प्रांतीय सरकार आतंकवाद के खिलाफ जंग में "जानबूझकर उदासीनता" दिखा रही थी। उसने 3 अक्टूबर को सरकारी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत विफल होने का हवाला भी दिया।
प्रांत के सूचना मंत्री शफी जान के अनुसार, इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर लॉन्ग मार्च का नेतृत्व कर रहे मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी को आपातकाल की घोषणा के कुछ ही देर बाद सुरक्षा बलों ने हिरासत में ले लिया। हालांकि, रिपोर्ट में अफरीदी को कहीं पूर्व तो कहीं वर्तमान मुख्यमंत्री बताया गया है, इसलिए उनकी मौजूदा स्थिति पर अभी पूरी स्पष्टता नहीं है। प्रशासनिक बदलाव के तहत डॉ. मुहम्मद फखर आलम इरफान को नया मुख्य सचिव बनाया गया है, जबकि वरिष्ठ अधिकारी मुहम्मद याहया अखुनजादा को ऑपरेशन की निगरानी सौंपी गई है।
इमरान खान के बेटे कासिम का तीखा विरोध
इमरान खान के बेटे कासिम खान ने सोमवार को इस फैसले की कड़ी निंदा की। उन्होंने सेना प्रमुख आसिम मुनीर पर आ