किशनगंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अवैध घुसपैठ मामले में बांग्लादेशी नागरिक 48 घंटे की पुलिस रिमांड पर

बिहार के किशनगंज जिले में अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने वाले एक बांग्लादेशी नागरिक को लेकर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। किशनगंज पुलिस ने आरोपी को 48 घंटे की पुलिस रिमांड पर लिया है ताकि देश की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले की तह तक जाया जा सके। इस कार्रवाई का मुख्य मकसद सीमा पार से चल रहे अवैध घुसपैठ के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करना और इसमें शामिल अन्य लोगों के चेहरों को बेनकाब करना है। अदालत के आदेश के बाद आरोपी को सदर थाना लाया गया है जहां सुरक्षा एजेंसियों के आला अधिकारी लगातार पूछताछ कर रहे हैं।
ट्रैफिक और साइबर डीएसपी कर रहे हैं पूछताछ
पुलिस हिरासत में लिए गए बांग्लादेशी नागरिक की पहचान हसन शेख उर्फ असनउल्ला मल के रूप में हुई है। सदर थाने में इस समय ट्रैफिक और साइबर डीएसपी खुद आरोपी से आमने-सामने बैठकर पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर बनी मजबूत तारबंदी को कैसे पार किया और किस गुप्त रास्ते का इस्तेमाल कर भारतीय सीमा के अंदर कदम रखा। इस पूछताछ के दौरान कई ऐसे स्थानीय एजेंटों और मददगारों के नाम सामने आने की उम्मीद है जिन्होंने अवैध रूप से उसे भारत में प्रवेश कराने और शरण देने का काम किया था।
26 जुलाई को हुई थी गिरफ्तारी
आपको बता दें कि सदर थाना पुलिस ने हसन शेख उर्फ असनउल्ला मल को बीते 26 जुलाई को रुईधासा प्रेमपुल के पास से दबोचा था। गिरफ्तारी के वक्त वह महीन गांव डीलर चौक के रहने वाले जाकिर हुसैन नाम के शख्स के साथ बाइक पर सवार होकर कहीं जा रहा था। शुरुआती पूछताछ के दौरान हसन ने पुलिस को बताया था कि वह मूल रूप से बांग्लादेश के शरियतपुर जिले के अलावलपुर गोसाईरहाट स्थित मालबाड़ी मियाचान बेपारिर कंडी का रहने वाला है। वह किसी दलाल या एजेंट के संपर्क में आकर अवैध तरीके से सीमा लांघकर भारत की सीमा में दाखिल हुआ था।
उत्तर प्रदेश के बहराइच से कनेक्शन और फर्जी दस्तावेज
बांग्लादेश से अवैध तरीके से भारत आने के बाद आरोपी उत्तर प्रदेश के बहराइच शहर में छिपकर रह रहा था। गिरफ्तारी वाली रात को ही वह ट्रेन का सफर तय करके बहराइच से सीधे किशनगंज पहुंचा था और जाकिर हुसैन के घर जा रहा था। पुलिस ने जब उसकी तलाशी ली थी तो उसके पास से आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य कई तरह के भारतीय पहचान पत्र बरामद हुए थे। पुलिस जांच में ये सभी दस्तावेज पूरी तरह से फर्जी पाए गए थे, जिनका इस्तेमाल वह भारत में अपनी पहचान छिपाने के लिए कर रहा था। इस पूरे मामले में हिन्दुस्थान समाचार के इनपुट के मुताबिक पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले ही प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, और अब रिमांड पर लेकर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।