कोसी नदी के कटाव से नेपाल में बढ़ा खतरा, मुख्यमंत्री ने किया दौरा और दिए ये निर्देश.

नेपाल में इन दिनों बाढ़ और पानी के तेज बहाव से लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिसे देखते हुए सीमा पार कोशी प्रदेश के मुख्यमंत्री हिकमत कुमार कार्की ने खुद मैदानी हालात का जायजा लिया है। 27 अगस्त को सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने गुरुवार को प्रभावित इलाकों का दौरा किया और अधिकारियों के साथ मिलकर स्थिति की गंभीरता को बहुत ही बारीकी से परखा। नेपाल के कई हिस्सों में बाढ़ के कारण तबाही मची हुई है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है और लोगों के मन में लगातार डर बना हुआ है।
कटाव प्रभावित इलाकों का हुआ निरीक्षण
अपने इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री हिकमत कुमार कार्की ने बराह क्षेत्र नगरपालिका के वार्ड नंबर 9 और वार्ड नंबर 6 में पहुंचकर कोशी नदी से हो रहे भारी कटाव और जमीन पर पड़ने वाले असर को खुद अपनी आंखों से देखा। इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान उनके साथ कोशी प्रांत सरकार के कई मंत्री, प्रांतीय विधानसभा के सम्मानित सदस्य, स्थानीय प्रशासन के बड़े अधिकारी और क्षेत्र के तमाम जनप्रतिनिधि भी पूरी मुस्तैदी के साथ मौजूद रहे। सभी ने मिलकर यह समझने की कोशिश की कि नदी के बहाव को रोकने के लिए तुरंत कौन से कदम उठाए जाने चाहिए ताकि गरीबों और आम नागरिकों की जमीनों को कटने से बचाया जा सके।
तटबंध निर्माण के लिए फंड देने का वादा
हालात का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री कार्की ने वहां मौजूद लोगों और अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि सरकार इस मुसीबत से निपटने के लिए पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने तटबंध बनाने के लिए जल्द से जल्द जरूरी फंड उपलब्ध कराने का बड़ा वादा किया है और यह भी साफ कर दिया है कि कटाव स्थल पर बहुत जल्द कटाव निरोधी कार्य शुरू करवा दिए जाएंगे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से यह भी अनुरोध किया था कि रेत की बोरियों से अस्थायी तटबंध बनाने के लिए सेना और पुलिस का पूरा सहयोग तथा आपसी तालमेल सुनिश्चित किया जाए, जिस पर सरकार ने गंभीरता दिखाई है।
पहाड़ी इलाकों की बारिश बढ़ा रही है चिंता
मुख्यमंत्री ने अपनी बातचीत में यह भी बताया कि नेपाल के कई इलाकों में बाढ़ से भारी तबाही के बीच कोशी इलाके में फिलहाल बहुत ज्यादा नुकसान होने के आसार कम दिखाई दे रहे हैं। लेकिन जिस तरह से पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश के साथ भूस्खलन और ग्लेशियर पिघलने जैसी घटनाएं घटित हो रही हैं, और नदी के जलस्तर में बार-बार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, उसे देखते हुए किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतना ठीक नहीं है। हाल ही में कोशी नदी ने अपना बहाव बदलकर उदयपुर इलाके की तरफ रुख कर लिया है, जिससे उस पार बराह क्षेत्र और उदयपुर की बेलका नगरपालिका के इलाके काफी ज्यादा प्रभावित हो चुके हैं। प्रशासन ने नदी के किनारे बसे सभी लोगों से पूरी तरह सुरक्षित और सतर्क रहने की अपील की है ताकि किसी भी अनहोनी से समय रहते बचा जा सके।