Kuwait ने Hormuz के बाहर शुरू किया Ship-to-Ship ट्रांसफर, ग्लोबल मार्केट में पेट्रोलियम सप्लाई बनाए रखने का बड़ा कदम.

Praggya Singh sabal9 September 20263 min read33 viewsKuwait
Kuwait ने Hormuz के बाहर शुरू किया Ship-to-Ship ट्रांसफर, ग्लोबल मार्केट में पेट्रोलियम सप्लाई बनाए रखने का बड़ा कदम.

कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन यानी KPC ने वैश्विक बाजार में तेल की सप्लाई को लगातार चालू रखने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। बुधवार, 9 सितंबर 2026 को सिंगापुर में आयोजित APPEC इंडस्ट्री कॉन्फ्रेंस के दौरान कुवैत के अधिकारियों ने यह ऐलान किया कि कंपनी ने स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मुज के बाहर शिप-टू-शिप ट्रांसफर यानी STS सुविधा शुरू कर दी है। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दुनिया भर में पेट्रोलियम उत्पादों की डिलीवरी में किसी भी प्रकार की कोई रुकावट न आए और काम सामान्य रूप से चलता रहे।

इस संबंध में जानकारी देते हुए KPC के ग्लोबल मार्केटिंग के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर Emad A. M. Al-Kandari ने बताया कि कंपनी अपने सभी ग्राहकों को बिजनेस में दोस्त की तरह मानती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा समय में क्षेत्रीय नेविगेशन में आ रही दिक्कतों और कम समय के लिए कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव के मुकाबले उनकी प्राथमिकता लंबे समय तक चलने वाली साझेदारियों को बचाए रखना है। कंपनी लगातार यह प्रयास कर रही है कि उसके ग्राहकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और तेल की सप्लाई बिना रुके समय पर मिलती रहे।

बीमा और शिपिंग लागत बढ़ने के कारण उठाया गया कदम

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अधिकारियों ने यह भी बताया कि हालांकि कुवैत सुरक्षा की स्थिति ठीक होने पर अभी भी अपने जहाजों को Strait of Hormuz के रास्ते से ही भेज रहा है, लेकिन यह शिप-टू-शिप ट्रांसफर का विकल्प एक बहुत जरूरी और सुरक्षित विकल्प साबित हो रहा है। हाल ही के दिनों में बीमा यानी इंश्योरेंस और जहाजों के आने-जाने की शिपिंग लागत बहुत ज्यादा बढ़ गई है जो पहले कभी नहीं देखी गई थी। इसी वजह से KPC अपने ग्राहकों के साथ पूरी नरमी और लचीलेपन के साथ काम कर रहा है ताकि इन बढ़ी हुई लागतों और प्रभावों को कम किया जा सके और कारोबार पर कम से कम असर पड़े।

इस बारे में बात करते हुए KPC के इंटरनेशनल मार्केटिंग के मैनेजिंग डायरेक्टर Khaled A. Al-Sabah ने फिर से यह बात दोहराई कि उनके बंदरगाह पूरी तरह से खुले हुए हैं। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में चल रही अनिश्चितताओं के बावजूद उनका पूरा ध्यान एक मजबूत और सुरक्षित भविष्य के निर्माण पर केंद्रित है। क्षेत्रीय तनावों की वजह से कई तरह की जोखिम पैदा हो गई है जिसमें स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मुज को लेकर मिलने वाली धमकियां और ड्रोन हमले भी शामिल हैं। इन सभी जोखिमों से निपटने के लिए KPC ने कच्चे तेल के उत्पादन और रिफाइनिंग के काम में पहले से ही सावधानी के तौर पर कमी कर दी है।

फोर्स माजेर की घोषणा और निर्यात पर असर

टैंकरों के आवागमन में भारी गिरावट आने के कारण कंपनी को अपने कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों के निर्यात पर force majeure यानी अप्रत्याशित घटना की घोषणा करनी पड़ी है। सप्लाई की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए KPC कई नई रणनीतियों पर काम कर रहा है। इसमें नए टैंकरों को खरीदना, विदेश में स्टोरेज सुविधाओं का विस्तार करना और अपने पड़ोसी देशों जैसे सऊदी अरब और यूएई के साथ मिलकर पाइपलाइन के विस्तार की संभावनाओं को तलाशना शामिल है। बाजार में आए इन हालिया बदलावों का असर यह हुआ है कि कंपनी ने हाल की बोलियों में नाफ्था को डिलीवर्ड एक्स-शिप आधार पर देना शुरू कर दिया है, जो कि उनके पुराने फ्री-ऑन-बोर्ड मॉडल से पूरी तरह अलग है। नाफ्था का निर्यात युद्ध से पहले के मुकाबले आधा रह जाने के बावजूद KPC ने यह भरोसा दिलाया है कि वह अपने सभी ग्राहकों से किए गए वादों को पूरा करने में पूरी तरह सक्षम है।

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