कुल्लू के सिंदूरी अनार पहुंचे दुबई, 650 डिब्बे भेजे गए, किसानों को 50% ज्यादा दाम
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू से 1.3 मीट्रिक टन सिंदूरी अनार दुबई भेजे गए। APEDA की मदद से किसानों को घरेलू बाजार से 50% अधिक मुनाफा मिला।

नई दिल्ली: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के सिंदूरी किस्म के अनार अब दुबई के बाजारों में पहुंच गए हैं। एग्रीकल्चर एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (APEDA) ने 1.3 मीट्रिक टन अनार के निर्यात की सुविधा प्रदान की है। यह कदम क्षेत्रीय बागवानी उत्पादों को पारंपरिक फलों से आगे ले जाकर अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की कोशिश है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मुताबिक, इस शिपमेंट में दो किलोग्राम के 650 बॉक्स शामिल थे। इस पूरे निर्यात कार्य को उत्तर प्रदेश की कंपनी 'अमामा एक्सपोर्ट्स' ने संभाला। इस प्रक्रिया के जरिए स्थानीय किसानों और एक किसान उत्पादक संगठन (FPO) को सीधे ट्रेडिंग फर्म से जोड़ा गया, जिससे राज्य के कृषि क्षेत्र के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार का रास्ता खुला।
इन अनारों की खरीद स्थानीय बगीचों और भुंतर किसान उत्पादक संगठन से की गई, जो लगभग 600 कृषि उत्पादकों का प्रतिनिधित्व करता है। कुल्लू जिला बागवानी प्रशासन ने खरीद सहायता और जमीनी स्तर पर समन्वय के जरिए इस व्यापारिक प्रक्रिया में मदद की।
इस निर्यात से किसानों की आय में अच्छी बढ़ोतरी देखी गई है। मंत्रालय ने बताया कि इसमें शामिल किसानों को घरेलू बाजार की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक दाम मिले हैं। मंत्रालय के अनुसार, ऐसे जुड़ाव से उत्पादकों को मार्केटिंग के नए अवसर मिलते हैं, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन को बढ़ावा मिलता है और कृषि निर्यात में FPO की भागीदारी बढ़ती है।
सिंदूरी अनार की खासियत इसकी लाल त्वचा, रसीले दाने और मीठे-खट्टे स्वाद का संतुलन है। यह फल टेबल कंजम्पशन और लंबी दूरी के परिवहन के मानकों पर खरा उतरता है। हिमाचल प्रदेश में सिंदूरी के साथ-साथ भगवा और कंधारी किस्में भी उगाई जाती हैं।
APEDA के चेयरमैन अभिषेक देव ने एक कार्यक्रम के दौरान इस खेप को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर व्यापार प्राधिकरण के अधिकारियों, राज्य बागवानी विभाग के प्रतिनिधियों, निर्यातकों और स्थानीय किसानों की मौजूदगी रही।
भारत के कृषि उत्पादों के लिए पश्चिम एशिया एक प्रमुख गंतव्य बना हुआ है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, भारत ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को लगभग 2.59 बिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य के APEDA निर्धारित कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद भेजे हैं, जिनकी कुल मात्रा करीब 3.81 मिलियन मीट्रिक टन है।
कुल्लू के अनारों का यह निर्यात हिमाचल प्रदेश के निर्यात आधार को केवल सेब तक सीमित न रखकर उसे विविधता देने की नीति का हिस्सा है। राज्य में पर्सिमन, स्टोन फ्रूट्स, जूस और रेडी-टू-ईट आइटम जैसे अन्य उत्पादों के निर्यात की भी क्षमता है। मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्रीय उत्पादकों के लिए रास्ते खोलने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में हिमाचल की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए गुणवत्ता प्रबंधन और बाजार संबंधों पर ध्यान देना जरूरी होगा।