सीरिया में कुर्दिश महिला लड़ाकों की सेना में शामिल होने की मांग, सरकार ने कहा समाज तैयार नहीं.

Praggya Singh sabal10 September 20263 min read25 viewsWorld
सीरिया में कुर्दिश महिला लड़ाकों की सेना में शामिल होने की मांग, सरकार ने कहा समाज तैयार नहीं.

सीरिया के उत्तर-पूर्वी शहर Qamishli से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ महिलाओं का एक बड़ा समूह देश की नई सेना में शामिल होने की लगातार मांग कर रहा है। अल जज़ीरा के संवाददाता Bernard Smith की रिपोर्ट के मुताबिक 10 सितंबर 2026 को यह बात सामने आई कि कुर्दिश महिला सुरक्षा यूनिट यानी YPJ की लगभग 1,500 महिलाएं सीरियाई सेना का हिस्सा बनना चाहती हैं। इन महिलाओं ने इसके लिए सक्रिय रूप से ट्रेनिंग ली है और लगातार बातचीत भी चल रही है। हालांकि सीरियाई सरकार के अधिकारियों ने इन महिलाओं के प्रस्ताव को अभी तक पूरी तरह से स्वीकार नहीं किया है और उनका कहना है कि सीरियाई समाज अभी महिलाओं को सेना में देखने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है।

वार्ता और सुरक्षा मंत्रालय का रुख

YPJ संगठन में लगभग 1,500 से 2,000 लड़ाकू महिलाएं शामिल हैं जो सेना में अपनी जगह चाहती हैं। सीरिया की राजधानी दमिश्क की सरकार इन महिलाओं को रक्षा मंत्रालय के तहत सीधे तौर पर कोई पद देने से हिचकिचा रही है। हालांकि सरकार के अधिकारियों ने यह जरूर कहा है कि इन महिलाओं को गृह मंत्रालय के तहत आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी दी जा सकती है। YPJ की कमांडर इन चीफ Rohilat Afrin ने इस बात की पुष्टि की है कि दमिश्क सरकार ने अभी तक महिलाओं को सैन्य रक्षा पदों पर औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं किया है। इसके अलावा कमांडर Nowruz Ahmed ने बताया कि महिलाओं के लिए अलग से विशेष सैन्य टुकड़ी बनाने के प्रस्ताव को अधिकारियों ने खारिज कर दिया है।

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सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस का विलय

महिलाओं के सेना में शामिल होने की यह मांग उस समय उठी जब 25 अगस्त 2026 को सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस यानी SDF के कमांडर Mazloum Abdi ने एक बड़ा ऐलान किया था। उन्होंने घोषणा की थी कि SDF अब एक स्वतंत्र बल के रूप में काम नहीं करेगा और इसका सीरियाई सेना की टुकड़ियों में पूरी तरह विलय कर दिया जाएगा। यह कदम जनवरी 2026 में हुए उस संघर्षविराम समझौते के तहत उठाया गया था जिसके जरिए सीरियाई सरकार और SDF के बीच धीरे-धीरे सैन्य और प्रशासनिक तालमेल बैठाने की बात तय हुई थी। इसके बाद 29 जनवरी 2026 को एक और समझौता हुआ जिसके तहत पूर्व SDF कर्मियों के लिए सीरियाई सेना में चार नई ब्रिगेड बनाई गईं। लेकिन YPJ की मुख्य नेता चाहती हैं कि उनकी महिलाओं को अलग-अलग बखेरने के बजाय एक संगठित इकाई के रूप में आधिकारिक पहचान मिलनी चाहिए।

कुर्दिश महिलाओं का संघर्ष और बलिदान

कुर्दिश अधिकारियों का कहना है कि सीरिया के गृह युद्ध के दौरान महिलाओं ने बहुत बड़ा बलिदान दिया है। आंकड़ों के मुताबिक सीरियाई संघर्ष के दौरान कुल कुर्दिश बलों में एक तिहाई हिस्सा महिलाओं का था और इस दौरान 979 YPJ सदस्याओं ने अपनी जान गंवाई थी। कुर्दिश नेताओं का तर्क है कि एक लोकतांत्रिक और न्यायपूर्ण सीरिया के निर्माण के लिए इन महिलाओं को सेना में शामिल करना बहुत जरूरी है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1325 का हवाला देते हुए इसे वैध और लैंगिक रूप से तटस्थ सैन्य संस्थानों का आधार बताया है। ये महिला लड़ाकू अपनी इस मांग पर अड़ी हुई हैं कि उन्हें एक संगठित इकाई के रूप में अपनी सामूहिक पहचान बनाए रखने की अनुमति दी जाए। उनका यह भी कहना है कि सीरियाई समाज उनकी सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है और महिलाओं में आत्मरक्षा की पूरी क्षमता और इच्छाशक्ति मौजूद है।

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