रूस के कुर्स्क न्यूक्लियर प्लांट पर ड्रोन हमला, IAEA ने जताई गहरी चिंता.

रूस केकुर्स्क न्यूक्लियर पावर प्लांट पर एक ड्रोन हमले की बड़ी खबर सामने आई है। इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और परमाणु संयंत्रों पर हो रहे हमलों को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। एजेंसी का साफ कहना है कि इस तरह के हमले परमाणु सुरक्षा और संरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं, जिससे किसी भी देश में बड़ा नुकसान हो सकता है।
कैसे हुआ हमला और क्या था हाल
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को दी गई जानकारी के मुताबिक, यह ड्रोन हमला गुरुवार की सुबह हुआ। ड्रोन ने सीधे न्यूक्लियर पावर प्लांट के एक रिएक्टर यूनिट के कूलिंग टॉवर को निशाना बनाया। राहत की बात यह रही कि जिस वक्त यह हमला हुआ, उस समय वह रिएक्टर यूनिट चालू थी, लेकिन घटना के बाद उसके काम करने के तरीके में कोई बदलाव नहीं आया और न ही वहां किसी तरह की आग लगने की सूचना मिली। इसके बावजूद इस प्रकार की घटनाएं सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील मानी जा रही हैं।
एजेंसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रॉसी ने कहा है कि परमाणु सुविधाओं पर होने वाले सभी हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं। इन हमलों से न केवल प्लांट को नुकसान पहुंचता है बल्कि आसपास के इलाकों में परमाणु सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है, फिर चाहे यह घटना कहीं पर भी हो। महानिदेशक ने सभी संबंधित पक्षों से सैन्य संयम बरतने की अपील की है ताकि किसी भी संभावित परमाणु दुर्घटना के जोखिम को टाला जा सके।
रूस और यूक्रेन के बीच लगातार जारी हैं हमले
यह पूरी घटना रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे लगातार सैन्य संघर्ष के माहौल में सामने आई है। दोनों देशों की तरफ से एक-दूसरे के ठिकानों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। हाल ही में यूक्रेनी अधिकारियों ने जानकारी दी थी कि रूस के मिसाइल और ड्रोन हमलों में कीव और उसके आसपास के इलाकों में कम से कम 19 लोग घायल हो गए। यूक्रेन की वायु सेना का दावा है कि उन्होंने रात भर चले हमलों के दौरान कीव, झापोरिझिया और ओडेसा समेत कई प्रमुख क्षेत्रों को निशाना बनाने वाले 131 रूसी हवाई लक्ष्यों को नष्ट या नाकाम कर दिया था।
यूक्रेन के अनुसार, कुल 36 स्थानों पर हमले रिपोर्ट किए गए, जबकि मार गिराए गए लक्ष्यों का मलबा पांच अलग-अलग जगहों पर आ गिरा। दूसरी ओर, रूस के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उनकी सेना ने इन तीनों क्षेत्रों में मेटल और इलेक्ट्रॉनिक्स प्लांट, सैन्य-औद्योगिक सुविधाओं, ऊर्जा बुनियादी ढांचे और परिवहन केंद्रों को निशाना बनाया। रूसी पक्ष ने यह भी दावा किया कि चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह पर यूक्रेनी सेना के लिए रसद ले जा रहे तीन थोक वाहक और एक फेरी को भी निशाना बनाया गया है।
ओडेसा शहर में हुए हमलों में दो बच्चों समेत सात लोग घायल हुए हैं, और कई रिहायशी इमारतों तथा नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। इस बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने बताया कि एक यूक्रेनी ड्रोन हमले ने रूस के यारोस्लाव क्षेत्र में स्थित एक तेल रिफाइनरी को भी निशाना बनाया। क्षेत्रीय गवर्नर मिखाइल येव्रेयेव ने पुष्टि की कि हमले के बाद वहां जो आग लगी थी, उसे पूरी तरह से बुझा लिया गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं क्योंकि न्यूक्लियर प्लांट पर हमला किसी भी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है।