उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में गंडक नदी से मिले नेपाल के 13 शव, प्रशासन ने शुरू की वापस भेजने की तैयारी.

नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले से होकर गुजरने वाली गंडक नदी में लगातार शव मिलने का सिलसिला जारी है। स्थानीय प्रशासन द्वारा नेपाल सरकार को दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, बचाव अभियान के दौरान अब तक नदी से कुल 13 अज्ञात शव बरामद किए जा चुके हैं। इन सभी शवों में 6 पुरुष और 7 महिलाएं शामिल हैं, जिनकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। इस दुखद घटना ने दोनों देशों के सीमावर्ती इलाकों में शोक की लहर पैदा कर दी है और अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
शवों को रखने के लिए दो अलग-अलग जिलों में की गई व्यवस्था
नदी से बरामद किए गए इन 13 शवों में से 6 शवों को कुशीनगर मेडिकल कॉलेज के शवगृह में सुरक्षित रखा गया है। हालांकि, शवगृह में जगह की भारी कमी होने के कारण प्रशासन को बाकी बचे 7 शवों को बेहतर व्यवस्था के लिए गोरखपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान यानी AIIMS भेजना पड़ा है। प्रशासन इस बात की आशंका जता रहा है कि नदी में अभी और भी शव बहकर आ सकते हैं, जिसके चलते सुरक्षा और तलाश का दायरा बढ़ा दिया गया है।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें चला रही हैं सर्च अभियान
गंडक नदी में लगातार शव मिलने की आशंका को पूरी गंभीरता से लेते हुए राज्य आपदा मोचन बल यानी SDRF और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी NDRF की टीमों को मैदान में उतार दिया गया है। ये विशेष टीमें गंडक नदी के विभिन्न घाटों और पानी के तेज बहाव वाले इलाकों में लगातार खोज एवं बचाव अभियान चला रही हैं ताकि यदि कोई और व्यक्ति पानी में फंसा हो या किसी का शव बह रहा हो, तो उसे तुरंत बाहर निकाला जा सके।
प्रशासन ने उठाया बड़ा कदम, नेपालियों के लिए बनाया कंट्रोल रूम
कुशीनगर की प्रभारी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी वंदिता श्रीवास्तव ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि शवों से जुड़ी हुई सभी जरूरी और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इन सभी शवों को पूरी सम्मान के साथ नेपाल देश को सौंप दिया जाएगा। इसके साथ ही, जो नेपाली नागरिक अपने बिछड़े हुए परिजनों की तलाश में नेपाल से भारत के कुशीनगर पहुंच रहे हैं, उनकी सहायता के लिए जिला प्रशासन ने एक विशेष कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है ताकि किसी भी पीड़ित परिवार को असुविधा का सामना न करना पड़े। इस पूरी खबर की विस्तृत जानकारी आप हिन्दुस्थान समाचार के माध्यम से पढ़ सकते हैं।