परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को रोकने के लिए पूर्ण निरस्त्रीकरण ही एकमात्र रास्ता है, कुवैत ने दुनिया को किया आगाह

कुवैत: कुवैत ने एक आधिकारिक बयान जारी कर यह साफ किया है कि दुनिया को परमाणु हथियारों के खतरे से बचाने का एकमात्र तरीका पूर्ण निरस्त्रीकरण ही है। कुवैत न्यूज एजेंसी (KUNA) द्वारा 20 अक्टूबर 2026 को जारी इस बयान में वैश्विक स्तर पर परमाणु हथियारों को खत्म करने की पुरजोर वकालत की गई है।
कुवैत का मानना है कि परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने वाली संधि (NPT) अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का सबसे बुनियादी आधार है। देश ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि परमाणु हथियारों को पूरी तरह खत्म करने के लिए एक व्यावहारिक और समयबद्ध रोडमैप तैयार किया जाए।
कुवैत फिलहाल 2026-2027 कार्यकाल के लिए अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की अध्यक्षता कर रहा है। इस जिम्मेदारी के साथ वह वैश्विक स्तर पर परमाणु जोखिमों को कम करने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर दे रहा है।
संयुक्त राष्ट्र में कुवैत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत तारिक अल-बन्नाई ने अप्रैल 2026 में अपनी निराशा जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि NPT समीक्षा सम्मेलनों में बार-बार सहमति न बन पाना इस संधि की वैश्विक विश्वसनीयता को कमजोर करता है।
कुवैत ने अब तक परमाणु हथियारों के निषेध पर संधि (TPNW) पर हस्ताक्षर या उसकी पुष्टि नहीं की है, लेकिन वह इसे NPT के पूरक ढांचे के रूप में देखता है।
इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 अक्टूबर 2026 को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ एक उच्च स्तरीय त्रिपक्षीय बैठक बुलाने की तैयारी जताई है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि नवंबर 2026 तक होने वाली इस चर्चा में वैश्विक निरस्त्रीकरण और यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने पर ध्यान दिया जाएगा।