Kuwait में जोरदार धमाके, ईरान के ड्रोन हमलों के बाद कुवैत की सेना ने दी चेतावनी, लोग सुरक्षित रहने की अपील.

कूवैत की हवा में अचानक जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, जिसके बाद वहां की सेना ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए बड़ा बयान जारी किया है। 1 सितंबर 2026 को कुवैत के सैन्य बलों ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने देश की तरफ आ रहे खतरनाक ड्रोन्स को हवा में ही रोकने का काम शुरू कर दिया है। कुवैत के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने साफ किया कि देश के अलग-अलग हिस्सों में जो तेज आवाजें सुनाई दीं, वे असल में इन ड्रोन हमलों को हवा में नेस्तनाबूद करने की प्रक्रिया का नतीजा थीं। इस तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए वहां के प्रशासन ने सभी नागरिकों और प्रवासियों के लिए एक सख्त और जरूरी निर्देश जारी किया है, जिसमें लोगों से कहा गया है कि वे पूरी तरह से सुरक्षा नियमों का पालन करें और बिना वजह घरों से बाहर न निकलें।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का कुवैत पर असर
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब 31 अगस्त 2026 को अमेरिका ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के ठिकानों पर जोरदार हवाई हमले किए थे। इन अमेरिकी हमलों का बदला लेने के लिए ईरान की तरफ से लगातार जवाबी कार्रवाई की जा रही है और इसी कड़ी में खाड़ी देशों को निशाना बनाया जा रहा है। ईरानी सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फ़ाघारी ने हाल ही में बयान देते हुए कहा था कि ईरान अब बहरीन और कुवैत के मामले में किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगा। उन्होंने खुली चेतावनी देते हुए कहा था कि उनके तोहफे रास्ते में हैं और वे क्षेत्र में अमेरिकी हितों को पूरी तरह तबाह कर देंगे। IRGC ने यह भी दावा किया है कि उन्होंने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में बने अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन्स से बड़ा हमला किया है।
अमेरिकी और क्षेत्रीय नुकसान की स्थिति
क्षेत्र में लगातार चल रहे हमलों के बीच राहत की बात यह है कि रॉयटर्स को दो अमेरिकी अधिकारियों ने जानकारी दी है कि जॉर्डन में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हुए इन हमलों में अभी तक किसी भी अमेरिकी सैनिक के हताहत होने की खबर नहीं मिली है। हालांकि, हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं क्योंकि रिपोर्ट्स बताती हैं कि ईरान ने मध्य पूर्व में मौजूद 27 अमेरिकी सैन्य अड्डों और इजरायल के मुख्य ठिकानों को एक साथ निशाना बनाया है। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कुवैत के विदेश मंत्रालय ने यूएई यानी संयुक्त अरब अमीरात पर हुए एक अन्य ड्रोन हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। कुवैत सरकार ने इसे यूएई की संप्रभुता का सीधा उल्लंघन और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है। इस तरह के हमलों से खाड़ी देशों में रह रहे आम लोगों और भारतीय प्रवासियों के बीच भी चिंता का माहौल बन गया है, जो वहां रहकर अपनी आजीविका चला रहे हैं।