Kuwait ने उठाया बड़ा कदम, अब क्षेत्रीय निवेशकों को मिलेगी 100 प्रतिशत ट्रेडिंग की सुविधा।

कुवैत ने अपने आर्थिक बाजार को और अधिक खुला और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। अब कुवैत भी उन चुनिंदा गल्फ देशों में शामिल हो गया है जो खाड़ी देशों यानी GCC के निवेशकों को अपनी लिस्टेड कंपनियों में 100 प्रतिशत कारोबार करने की पूरी छूट देते हैं। इस बात की जानकारी स्टैटिस्टिकल सेंटर ऑफ द गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल यानी GCC-Stat की तरफ से दी गई है, जो क्षेत्रीय स्तर पर आर्थिक एकीकरण की ओर एक बड़ा बदलाव है।
साल 2025 के आंकड़े और बाजार की स्थिति
साल 2025 के आखिर तक जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक, गल्फ के सभी स्टॉक बाजारों में कुल 779 लिस्टिंग थीं। इनमें से करीब 756 कंपनियां यानी कुल बाजार का लगभग 97 प्रतिशत हिस्सा GCC नागरिकों के लिए ट्रेडिंग वास्ते पूरी तरह से खुला हुआ था। इन सभी बाजारों में साल 2025 के दौरान कुल कारोबार करीब 401.7 अरब शेयर का रहा। इन शेयरों की कुल वैल्यू 618 अरब डॉलर तक पहुंच गई, जो कि साल 2024 के मुकाबले करीब 19.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दिखाती है।
नए नियम और डिजिटल सेवाओं का विस्तार
इस पूरे साल बाजार के नियमों में कई बड़े बदलाव देखने को मिले ताकि निवेशकों को किसी तरह की परेशानी न हो। साल 2025 के दौरान निवेश फंडों के लिए पहला साझा नियम यानी यूनिफाइड रेगुलेटरी फ्रेमवर्क लागू किया गया। इसके अलावा बाजार को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल वित्तीय सेवाओं को अपनाया गया और वित्तीय बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाया गया। अधिकारियों ने निवेशकों के पहचान नंबरों को एक जैसा करने, दोहरी लिस्टिंग को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय एक्सचेंजों के बीच इलेक्ट्रॉनिक कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर भी पूरा जोर दिया।
कुवैत के सुधार और टैक्स से जुड़ी राहत
खुली अर्थव्यवस्था के प्रति कुवैत की प्रतिबद्धता को वहां के स्थानीय कानूनों और सुधारों से और ज्यादा मजबूती मिली है। इसी कड़ी में 11 सितंबर 2026 को गल्फ देशों के यूनिफाइड कस्टम लॉ को देश के आधिकारिक ओपन डेटा पोर्टल पर जोड़ दिया गया। इसके अलावा देश में कानून संख्या 1 वर्ष 2024 लागू की गई, जिसके तहत विदेशी कंपनियों को बिना किसी स्थानीय एजेंट की जरूरत के कुवैत में अपनी शाखाएं खोलने की अनुमति मिल गई है। जन सेवाओं और सुविधाओं के प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए डिक्री लॉ नंबर 1 वर्ष 2025 भी पेश किया गया। सबसे खास बात यह है कि कुवैत में ऐसी कंपनियों पर कोई कॉर्पोरेट इनकम टैक्स नहीं लगता है जो पूरी तरह से कुवैती या अन्य गल्फ नागरिकों के स्वामित्व वाली हैं, जिससे क्षेत्रीय कारोबारियों को निवेश करने का बड़ा प्रोत्साहन मिलता है।