कुवैत के न्याय मंत्री ने पारिवारिक स्थिरता बढ़ाने के लिए नागरिक कानून में बदलाव किए और उत्तराधिकारियों के अधिकारों को संतुलित किया
कुवैत के न्याय मंत्री ने पारिवारिक स्थिरता बढ़ाने और उत्तराधिकारियों के अधिकारों को संतुलित करने के लिए नागरिक कानून में बदलाव किए हैं।

कुवैत: देश के न्याय मंत्री ने नागरिक कानून में बड़े बदलावों की घोषणा की है। इन संशोधनों का मुख्य उद्देश्य पारिवारिक स्थिरता को बेहतर बनाना है। कुवैत समाचार एजेंसी (KUNA) के एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, इन कानूनी अपडेट्स के जरिए पारिवारिक घरों की सुरक्षा और उत्तराधिकारियों व सह-मालिकों के अधिकारों के बीच एक कानूनी संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। यह घोषणा 25 अक्टूबर 2026 को की गई।
एक तरफ कुवैत अपने आंतरिक कानूनी सुधारों को आगे बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बढ़ रही हैं। 24 अक्टूबर 2026 को सऊदी सिविल डिफेंस ने बताया कि हूती समूह ने मक्का और मदीना क्षेत्रों की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, जिन्हें बीच में ही रोक लिया गया।
मिसाइलों को रोकने के बाद उनके मलबे मक्का की वादी अल-मुघम्मास, जेद्दा के अल-नुजहा जिले, ताएफ की वादी जलील और रबीघ के मस्तुरह में गिरे। इस घटना के बाद क्षेत्रीय संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के महासचिव इस्माइल ओल्ड शेख अहमद ने कहा कि अराफात के पास के इलाकों को निशाना बनाना पवित्र स्थलों की गरिमा की अनदेखी है।
जीसीसी (GCC) के महासचिव जासेम मोहम्मद अलबुदैवी ने भी वादी अल मुघम्मास में मलबा गिरने की निंदा की। उन्होंने इसे दुनिया भर के मुसलमानों के खिलाफ एक खतरनाक उकसावा बताया।
इन तमाम दावों और प्रतिक्रियाओं के बीच ईरान समर्थित हूती समूह ने मक्का और मदीना को निशाना बनाने से इनकार किया है। हूती नेतृत्व ने दावा किया कि 24 अक्टूबर को उनके सैन्य अभियानों में ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों के जरिए सात अलग-अलग हमले किए गए थे। उनके मुताबिक, ये हमले केवल सऊदी तेल सुविधाओं, हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों पर यमन में जारी हवाई हमलों के जवाब में किए गए थे।