कुवैत में छिपकर बिजनेस करने वालों पर शिकंजा, जेल और डिपोर्टेशन की सजा

कुवैत में कमर्शियल कंसीलमेंट (tasattur) के खिलाफ सख्त कानून लागू होगा। उल्लंघन करने वालों को जेल, भारी जुर्माना और डिपोर्टेशन का सामना करना पड़ेगा।

Nura Basta5 November 20262 min read0 viewsKuwait
कुवैत में छिपकर बिजनेस करने वालों पर शिकंजा, जेल और डिपोर्टेशन की सजा

कुवैत सिटी: कुवैत में व्यापारिक स्वामित्व को गलत तरीके से दिखाने या विदेशी निवेश प्रतिबंधों से बचने के लिए किए जाने वाले 'तसत्तुर' (कमर्शियल कंसीलमेंट) के खिलाफ सरकार ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल काउंसिल (IBPC) ने 1 नवंबर को द सेंट रीजिस कुवैत सिटी में एक सेमिनार आयोजित किया, जिसमें व्यापार मालिकों और पेशेवरों को नए एंटी-कंसीलमेंट कानून और रेगुलेटरी नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

इस सत्र के दौरान डिक्री-लॉ नंबर 78 ऑफ 2026 पर विशेष चर्चा हुई। यह कानून उन मामलों को लक्षित करता है जहां व्यापार के असली मालिक की पहचान छिपाई जाती है। 9 अगस्त 2026 को आधिकारिक गजट में प्रकाशित यह कानून फरवरी 2027 की शुरुआत से प्रभावी होगा।

कानून के उल्लंघन पर कड़ी सजा का प्रावधान है। दोषी पाए जाने पर एक से तीन साल तक की जेल और 10,000 से 1,00,000 कुवैती दीनार तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यदि अवैध मुनाफ़ा जुर्माने की राशि से अधिक है, तो वह राशि वसूली जाएगी। इसके अलावा, व्यापार का लाइसेंस रद्द करना, बिजनेस को स्थायी रूप से बंद करना और विदेशी उल्लंघनकर्ताओं को देश से डिपोर्ट करना भी शामिल है। अगर पांच साल के भीतर दोबारा अपराध किया जाता है, तो सजा और जुर्माना दोगुना होगा।

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IBPC के चेयरमैन गौरव ओबेरॉय ने पारदर्शिता और नियमों की जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया। सेमिनार में अल तमीमी एंड कंपनी के कानूनी विशेषज्ञ आरोन डिकोस और सीए केतन पुरी ने भी अपने विचार साझा किए। केतन पुरी ने कुवैत डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन अथॉरिटी (KDIPA) के माध्यम से निवेश के अवसरों पर चर्चा की।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (MOCI) स्वामित्व रिकॉर्ड को सटीक बनाने के लिए अपनी कोशिशें तेज कर रहा है। कार्यवाहक अवर सचिव मरवा अल-जैदान ने बताया कि मंत्रालय अंतर-एजेंसी सहयोग को मजबूत कर रहा है। उन्होंने मिनिस्टिरियल रिज़ॉल्यूशन नंबर 156 ऑफ 2026 का जिक्र किया, जिसके तहत अल्टीमेट बेनिफिशियल ओनरशिप (UBO) की जानकारी 15 दिनों के भीतर अपडेट करना अनिवार्य है।

व्यापारियों को सलाह दी गई है कि वे फरवरी 2027 की समयसीमा से पहले MOCI के इलेक्ट्रॉनिक पोर्टल का उपयोग कर अपने संचालन को नियमित कर लें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अवधि कोई आधिकारिक एमनेस्टी (माफी) समय नहीं है।

इस नए कानून में व्हिसलब्लोअर (मुखबिर) के लिए भी प्रावधान रखा गया है। यदि कोई व्यक्ति, जो खुद उस अपराध में शामिल नहीं है, जानकारी देता है और अंतिम दोषसिद्धि सुनिश्चित होती है, तो उसे वसूले गए जुर्माने का 10 प्रतिशत तक इनाम के रूप में दिया जाएगा।

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