मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के लिए कुवैत ने तेज की रफ्तार, तय समय से पहले पूरे किए कई सुधार
कुवैत ने मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग के खिलाफ सुधारों में तेजी दिखाई है। FATF ने रिपोर्ट में इन प्रयासों को स्वीकार किया है।

कुवैत: मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी वित्तपोषण (टेरर फंडिंग) के खिलाफ अपनी व्यवस्था को मजबूत करने में कुवैत ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। देश ने इस दिशा में तय किए गए समय से पहले ही महत्वपूर्ण सुधार लागू कर दिए हैं।
फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने 30 अक्टूबर 2026 को जारी एक रिपोर्ट में इन प्रगतियों को स्वीकार किया है। हालांकि, FATF ने यह भी कहा है कि सहमत कार्य योजना को लागू करने की इस रफ्तार को बरकरार रखना जरूरी है।
यह कदम फरवरी 2026 में की गई उस उच्च स्तरीय राजनीतिक प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसके तहत FATF और मिडिल ईस्ट एंड नॉर्थ अफ्रीका फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (MENAFATF) के साथ सहयोग करने का फैसला लिया गया था।
वर्तमान सुधारों का मुख्य केंद्र कंपनियों और कानूनी संस्थाओं के वास्तविक मालिकों (बेनिफिशियल ओनरशिप) के डेटा की सटीकता और उनके रिकॉर्ड को सही ढंग से रखना है। FATF ने इस बात पर जोर दिया है कि गलत जानकारी देने वाली संस्थाओं के खिलाफ प्रभावी और उचित दंड लागू किया जाए।
संदिग्ध लेनदेन की पहचान के लिए कुवैत के अधिकारियों ने निजी क्षेत्रों, खासकर रियल एस्टेट एजेंटों और कीमती धातुओं व पत्थरों के व्यापारियों के साथ संवाद बढ़ाया है। इन व्यापारियों को अब संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
सरकार ने व्यवसायों की मदद के लिए सेक्टर-विशिष्ट संकेतक भी जारी किए हैं, ताकि वे अवैध वित्तीय गतिविधियों की निगरानी और पहचान कर सकें। ये पहल 2026 की शुरुआत में लागू किए गए मंत्रिस्तरीय निर्णय संख्या 172 और 173 के तहत की गई हैं।
इन नियमों के मुताबिक सोना, कीमती धातु और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए जोखिम-आधारित अनुपालन अनिवार्य कर दिया गया है। इसमें ग्राहकों और वास्तविक मालिकों की कड़ी जांच करना और रियल एस्टेट लेनदेन के रिकॉर्ड को कम से कम पांच साल तक सुरक्षित रखना शामिल है। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना कुवैत फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट को देना जरूरी है।
FATF ने अब मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों की जांच और उनके अभियोजन (प्रॉसिक्यूशन) में प्रयासों को बढ़ाने की जरूरत बताई है। इसके साथ ही सीमा पार नकदी और वित्तीय साधनों की आवाजाही की निगरानी पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।