Kuwait Army Chief: कुवैत में फ्रांस के साथ हुई बड़ी बैठक, ईरान के ड्रोन हमलों के बीच मजबूत हुई रक्षा साझेदारी.

कुवैत की सेना और फ्रांस के बीच रक्षा मामलों को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें दोनों देशों के अधिकारियों ने आपसी संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया। यह उच्चस्तरीय मुलाकात ऐसे समय पर हुई जब क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं और कुवैत को बाहरी खतरों का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान दोनों पक्षों ने आपसी हितों और सैन्य सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर चर्चा की।
कुवैत और फ्रांस के बीच सैन्य सहयोग पर चर्चा
कुवैत आर्मी के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ ने 2 सितंबर 2026 को फ्रांसीसी मिलिट्री अताशे और फ्रांसीसी मिलिट्री मिशन के प्रमुख से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को और अधिक मजबूत करना था। इसके अलावा, अधिकारियों ने आने वाले समय में संयुक्त सैन्य अभ्यास आयोजित करने और द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने की रणनीतियों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया। दोनों देशों का मानना है कि इस तरह की साझेदारियों से क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में काफी मदद मिलती है।
ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना
यह कूटनीतिक बैठक ऐसे माहौल में हुई जब कुवैत की सुरक्षा के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी थीं। घटना के ही दिन कुवैत के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने जानकारी दी कि देश की एयर डिफेंस यूनिट्स यानी वायु रक्षा इकाइयां लगातार आ रहे मिसाइल और ड्रोन खतरों का डटकर मुकाबला कर रही थीं। ये सभी खतरे क्षेत्रीय गतिविधियों के दौरान सामने आए, जो ईरान से जुड़े हुए थे। इस स्थिति ने इस बात को और अधिक स्पष्ट कर दिया कि कुवैत के लिए अन्य मित्र देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी कितनी जरूरी है।
विदेश मंत्रालय का कड़ा रुख
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। ईरान की तरफ से दागे गए इन मिसाइल और ड्रोन हमलों ने कई इलाकों को निशाना बनाया था, जिसमें एक रिहायशी इलाका भी शामिल था। सरकार ने इसे देश की संप्रभुता का खुला उल्लंघन और नागरिकों की सुरक्षा तथा स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बताया है। ऐसे संवेदनशील हालात के बीच फ्रांस के साथ हुई यह रक्षा बैठक कुवैत की सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।