कुवैत पर ईरान का हमला, अमेरिका के मिसाइल स्ट्राइक के बाद बिगड़े हालात और भड़की जंग

अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने हाल ही में एक बड़े हमले को लेकर चल रहे विवाद पर अपनी बात रखी है और कहा है कि अमेरिकी सेना कभी भी मुकाबले के दौरान आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाती है। यह पूरा मामला 2 September 2026 की शाम का है जब ईरान के दक्षिणी होर्मोजगान प्रांत के सिरीक जिले में एक शादी समारोह के दौरान कथित तौर पर मिसाइलें गिरी थीं। इस घटना के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी चर्चा हो रही है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वे इस पूरे मामले की पूरी जांच कर रहे हैं ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके।
ईरान के आरोप और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता
ईरान के सरकारी टीवी चैनल IRIB और विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस हमले में तीन मिसाइलें एक रिहायशी मकान पर गिरी थीं जिससे भारी नुकसान हुआ। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि 2 September को हुए इन हमलों में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई और 108 लोग घायल हो गए। ईरानी अधिकारियों का यह भी कहना है कि शादी में शामिल चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक 22 साल की महिला ने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया। ईरानी रेड क्रीसेंट सोसाइटी ने चार लोगों की मौत और 60 से ज्यादा घायलों की पुष्टि करते हुए इस हमले को युद्ध अपराध बताते हुए अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय यानी ICC से जांच की मांग की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने भी इस हमले को पूरी तरह से युद्ध अपराध करार दिया है।
अमेरिकी सेना और संयुक्त राष्ट्र का बयान
अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के प्रवक्ता नेवी कैप्टन Tim Hawkins ने बताया कि सेना इन सभी रिपोर्ट्स की गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने दोहराया कि अमेरिकी सेना सशस्त्र संघर्ष के नियमों और कानूनों का पूरी तरह से पालन करती है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव António Guterres ने नागरिकों की मौत पर गहरी चिंता जताई है और सभी पक्षों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून की याद दिलाई है। अमेरिकी सरकार इस घटना की रिपोर्टों को स्वीकार तो कर रही है लेकिन साथ ही अपने सैनिकों के कामकाज और ऑपरेशनों पर पूरा ध्यान दे रही है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए White House Live पर विजिट किया जा सकता है।
कुवैत पर जवाबी हमला और राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनी
बढ़ते तनाव के बीच, ईरान ने 3 September 2026 की सुबह कुवैत के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए। पीड़ितों के अंतिम संस्कार भी उसी दिन संपन्न हुए। इस स्थिति को देखते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने आगे भी ऐसी जवाबी कार्रवाई जारी रखी, तो अमेरिका की तरफ से बहुत ही कठोर और बड़े स्तर पर इसका जवाब दिया जाएगा। इस घटनाक्रम से खाड़ी देशों में रह रहे लोगों और प्रवासियों के बीच भी चिंता का माहौल बन गया है। सुरक्षा से जुड़े नियमों और राष्ट्रपति के आदेशों के बारे में विस्तार से जानने के लिए White House Presidential Actions और कानूनी प्रावधानों के लिए US Code की आधिकारिक वेबसाइट पर देखा जा सकता है।