Kuwait Bank New Rule: कुवैत के बैंकों ने प्रवासियों के लिए लोन नियम कड़े किए, इन लोगों पर पड़ेगा असर.

कुवैत में रहने वाले प्रवासियों के लिए एक बड़ी और जरूरी खबर सामने आ रही है जहाँ बैंक अब लोन देने के नियमों में बड़ा बदलाव कर रहे हैं। कुवैती वित्तीय संस्थानों ने स्थानीयकरण नीतियों यानी कुवैतीकरण के चलते प्रवासियों को लोन देने के तरीकों को पूरी तरह से बदल दिया है। The Times Kuwait की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक अब केवल सैलरी और क्रेडिट हिस्ट्री नहीं देख रहे हैं बल्कि नौकरी की सुरक्षा और कंपनी की स्थिति को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। इस बदलाव से मुख्य रूप से उन लोगों को झटका लगा है जो शिक्षा और मध्यम स्तर के निजी क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।
इन लोगों को मिल रही है लोन मिलने में परेशानी
बैंकों ने अनौपचारिक रूप से एक 'ग्रे लिस्ट' तैयार की है जिसमें उन पेशों को रखा गया है जिन पर नौकरी जाने का खतरा सबसे ज्यादा मंडरा रहा है। इस लिस्ट में सरकारी स्कूलों के शिक्षक शामिल हैं क्योंकि शिक्षा मंत्रालय ने पहले चरण में लगभग 7,019 प्रवासी शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने की योजना बनाई है। इसके अलावा कोऑपरेटिव सोसाइटियों के कर्मचारी, सार्वजनिक लाभ संगठनों के लोग, नए अनुबंध पर काम करने वाले और कम वेतन या कम शैक्षणिक योग्यता वाले व्यक्ति भी इसी दायरे में आते हैं। इसके विपरीत बैंक स्वास्थ्य सेवा, इंजीनियरिंग, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और विशेष शिक्षण भूमिकाओं में काम करने वाले पेशेवरों को आसानी से लोन दे रहे हैं क्योंकि इन नौकरियों को सुरक्षित माना जाता है।
लोन के लिए तय किए गए नए नियम और शर्तें
अब बैंक लोन मंजूर करते समय 400 से 600 कुवैती दीनार प्रति माह की सैलरी सीमा पर खास ध्यान दे रहे हैं। जिन लोगों की नौकरी को 10 साल या उससे अधिक का समय हो गया है, उन्हें फायदा मिल रहा है क्योंकि उनके सर्विस के अंत में मिलने वाले लाभ को एक तरह की गारंटी माना जाता है। बैंक कंपनियों की साख भी जांच रहे हैं और कुवैत स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड कंपनियों के कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जा रही है। कुछ मामलों में बैंक नियोक्ताओं से यह लिखवाकर ले रहे हैं कि यदि कोई कर्मचारी लोन चुकाए बिना देश या नौकरी छोड़कर जाता है, तो उसका बचा हुआ पैसा सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाए।
पात्रता और प्रवासियों पर असर
योग्य उधारकर्ता कुल मिलाकर उपभोक्ता और आवास वित्त के रूप में अधिकतम 95,000 कुवैती दीनार तक पा सकते हैं, बशर्ते कि मासिक किस्त उनकी शुद्ध आय के 40 प्रतिशत से ज्यादा न हो। उदाहरण के लिए 490 दीनार की किस्त के लिए 1,225 दीनार की सैलरी होनी चाहिए और 1,100 दीनार की किस्त के लिए लगभग 2,750 दीनार की सैलरी जरूरी है। हालांकि जिन प्लैटिनम श्रेणी के प्रवासियों के पास पर्याप्त संपत्ति है, उन्हें अभी भी अच्छी शर्तें मिल रही हैं, लेकिन यह नीति कुवैतीकरण के डर से उठाई गई एक बड़ी सावधानी है। इस बदलाव से भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, फिलीपींस और अन्य एशियाई देशों के उन प्रवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं जो शिक्षा और प्राइवेट सेक्टर में काम करके अपने घर, गाड़ी और बच्चों की पढ़ाई का खर्च संभालते हैं।