Kuwait Loan Rules: कुवैत के बैंकों ने प्रवासियों के लिए लोन के नियम सख्त किए, अब नौकरी पर कड़ी नजर.

कुवैत में रहने वाले लाखों प्रवासियों के लिए एक बड़ी और जरूरी खबर सामने आई है। स्थानीय बैंकों ने कुवैतीकरण नीतियों, कर्मचारियों की समीक्षा और कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने की खबरों के बीच प्रवासियों को लोन देने के नियमों को बहुत सख्त कर दिया है। Arab Times की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बड़ा बदलाव 14 September 2026 को सामने आया जिसके बाद 15 September 2026 से बैंकों ने लोन देने से पहले नौकरी की सुरक्षा की गहरी जांच शुरू कर दी है। इस नए बदलाव का सीधा असर भारत, फिलीपींस, पाकिस्तान, बांग्लादेश और मिस्र से आए उन आम कामगारों और मध्यम वर्ग के लोगों पर पड़ेगा जो कुवैत में रहकर गाड़ी, फर्नीचर या घर खरीदने के लिए लोन लेना चाहते थे। हालांकि बैंकों ने लोन पूरी तरह बंद नहीं किया है, लेकिन अब लोन पाना पहले जितना आसान नहीं रहा है।
किन लोगों को मिलेगी प्राथमिकता और किसे होगी परेशानी
बैंकों ने कुछ खास प्रोफेशन वाले लोगों को लोन देने में प्राथमिकता देने का फैसला किया है। इनमें मुख्य रूप से डॉक्टर, इंजीनियर, स्वास्थ्यकर्मी, तकनीशियन, आईटी और एआई विशेषज्ञ शामिल हैं। इसके अलावा जिन लोगों को कंपनी में 10 साल से ज्यादा का समय हो गया है और जिनका एंड-ऑफ-सॉर्विज़ बेनिफिट यानी EOSB अच्छा खासा जमा है, उन्हें बैंक लोन देने में प्राथमिकता दे रहे हैं। कुवैत स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड कंपनियों या बैंक के साथ अच्छे रिश्ते रखने वाली कंपनियों के कर्मचारियों को भी इसका फायदा मिल रहा है। इसके विपरीत, जो लोग नए भर्ती हुए हैं या जिनकी योग्यता कम है, उनकी जांच बहुत बारीकी से हो रही है और उनके लोन की सीमा भी घटा दी गई है। सरकारी स्कूलों के शिक्षक जो सरप्लस कैटेगरी में आते हैं, सहकारी समितियों के कर्मचारी और सार्वजनिक लाभ संगठनों के स्टाफ पर बैंक विशेष नजर रख रहे हैं।
लोन की सीमा और सैलरी के नियम
लोन की सीमाओं की बात करें तो पर्सनल और हाउसिंग फाइनेंस का कुल मिलाकर अधिकतम योग KD 95,000 तय है जो योग्य आवेदकों को मिलता है। यदि किसी को KD 95,000 का लोन चाहिए तो उसकी मासिक सैलरी लगभग KD 2,750 होनी चाहिए और उसकी किस्त हर महीने KD 1,100 यानी कुल सैलरी का 40% होनी चाहिए। इसी तरह KD 25,000 के लोन के लिए कम से कम KD 1,225 सैलरी होनी जरूरी है जिसमें हर महीने की किस्त करीब KD 490 बनती है। लोन की यह सीमा पूरी तरह से सैलरी सर्टिफिकेट, क्रेडिट हिस्ट्री, कंपनी की स्थिति और बैंक के नियमों पर निर्भर करती है। जज जैसे पदों पर काम करने वाले लोगों का क्रेडिट स्कोर तो अच्छा होता है, लेकिन 2030 तक न्यायपालिका में पूरी तरह कुवैतीकरण होने के लक्ष्य को देखते हुए बैंक लोन की अवधि को छोटा कर सकते हैं ताकि यह देखा जा सके कि लोन चुकाने के समय तक वह नौकरी पर रहेंगे या नहीं।
प्रवासियों के लिए जरूरी कागजात और कागजी कार्रवाई
कुवैतीकरण की इस प्रक्रिया के कारण अब बैंक लोन पास करने में ज्यादा समय ले रहे हैं और लोन की रकम भी छोटी दे रहे हैं। जो लोग भारत या अन्य एशियाई देशों से हैं और वहां कर्ज लेना चाहते हैं, उन्हें अब ज्यादा कागजी कार्रवाई करनी होगी। बैंकों की तरफ से साफ कहा गया है कि लोन के आवेदन के साथ एक चेकलिस्ट तैयार रखनी होगी। इस चेकलिस्ट में लेटेस्ट सैलरी सर्टिफिकेट, पिछले 6 महीने का बैंक स्टेटमेंट, नौकरी के वर्षों का प्रमाण, इस बात का सबूत कि उनका पेशा किसी रिप्लेसमेंट लिस्ट में शामिल नहीं है, और यह प्रमाण होना जरूरी है कि उनकी कंपनी उसी बैंक के जरिए सैलरी देती है जहां से लोन के लिए आवेदन किया जा रहा है। जिन अमीर प्रवासियों के पास बड़े डिपॉजिट, शेयर या बड़ा EOSB बैलेंस है, उन्हें अभी भी बेहतर दरों और उच्च सीमा का लाभ मिल सकता है।