Kuwait Bank New Rule: कुवैत में प्रवासियों के लिए लोन लेना हुआ सख्त, नौकरी और सैलरी देखकर मिलेगा पैसा.

Aanya15 September 20264 min read21 viewsKuwait
Kuwait Bank New Rule: कुवैत में प्रवासियों के लिए लोन लेना हुआ सख्त, नौकरी और सैलरी देखकर मिलेगा पैसा.

कुवैत सिटी में 14 सितंबर 2026 से स्थानीय बैंकों ने प्रवासियों यानी एक्सपैट्स के लिए लोन देने के नियमों को काफी सख्त कर दिया है। अब बैंक हर किसी को आसानी से लोन नहीं दे रहे हैं, बल्कि बहुत ही सोच-समझकर और चुनिंदा लोगों को ही कर्ज दे रहे हैं। इस बदलाव की मुख्य वजह नौकरियों की सुरक्षा, कुवैतीकरण यानी स्थानीय लोगों को नौकरी देने की प्रक्रिया और कई प्रवासियों के अनुबंध यानी कॉन्ट्रैक्ट खत्म होना है। हालांकि लोन पूरी तरह से बंद नहीं किया गया है, लेकिन अब बैंकों का पूरा ध्यान इस बात पर है कि लोन लेने वाले की नौकरी कौन सी है और वह कितने लंबे समय से काम कर रहा है।

किन नौकरियों पर मंडरा रहा है खतरा और कहां मिल रहा है फायदा

बैंक अब उन नौकरियों की बहुत बारीकी से जांच कर रहे हैं जिन पर कुवैतीकरण का खतरा मंडरा रहा है या जिन्हें खत्म किया जा सकता है। जिन कामों के लिए ज्यादा सख्ती बरती जा रही है, उनमें सरकारी पद जो स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित होने वाले हैं, फालतू पद, बदलाव के दौर से गुजर रहे विभाग और सरकारी स्कूलों के कुछ खास विषयों के शिक्षक शामिल हैं। इसके अलावा को-ऑपरेटिव सोसाइटियों और पब्लिक बेनिफिट संगठनों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। न्यायपालिका के क्षेत्र की भी समीक्षा की जा रही है, हालांकि अभी जज लोग अच्छी क्रेडिट रेटिंग रखते हैं, लेकिन साल 2030 के अंत तक इस क्षेत्र में भी कुवैतीकरण की योजना है, जिसकी वजह से लोन की अवधि को छोटा किया जा सकता है।

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इसके विपरीत, कुछ ऐसे पेशेवर लोग भी हैं जिन्हें बैंक अभी भी प्राथमिकता दे रहे हैं। इनमें डॉक्टर, इंजीनियर, स्वास्थ्यकर्मी, तकनीशियन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम करने वाले लोग शामिल हैं। ऐसे शिक्षक जिनकी स्पेशलाइजेशन पर तुरंत कोई खतरा नहीं है, वे भी आसानी से लोन ले पा रहे हैं। भारत से कुवैत में नौकरी के लिए जाने वाले कामगारों और प्रवासियों के लिए यह बहुत जरूरी खबर है, क्योंकि अब लोन के लिए आवेदन करने से पहले अपनी नौकरी की स्थिति को देखना बेहद जरूरी हो गया है।

लोन देते समय बैंक क्या-क्या चीजें देख रहे हैं

अब बैंक लोन देते समय यह देखते हैं कि कर्मचारी ने कंपनी में कितने साल काम किया है और उसका एंड-ऑफ-सर्विस यानी EOS का पैसा कितना जमा है। अगर किसी व्यक्ति ने किसी जानी-मानी कंपनी में लगभग 10 साल की सेवा पूरी कर ली है, तो उसे कम जोखिम वाला माना जाता है। बैंक लोन की सीमा तय करते समय इस EOS के अमाउंट को भी ध्यान में रखते हैं। कंपनी की साख बहुत मायने रखती है, इसलिए लिस्टेड कंपनियों और जिन फर्मों के साथ सैलरी ट्रांसफर का एग्रीमेंट होता है, उन्हें बैंक प्राथमिकता देते हैं। जो कंपनियां लिस्टेड नहीं हैं, उनकी प्रतिष्ठा, आकार और इतिहास को देखकर फैसला किया जाता है कि उन्हें लोन देना है या नहीं।

कितना मिल सकता है लोन और क्या है नियम

योग्य आवेदकों के लिए पर्सनल लोन और हाउसिंग फाइनेंस की कुल सीमा अधिकतम KD 95,000 तक तय की गई है। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी की सैलरी KD 2,750 है, तो उसकी शुद्ध सैलरी का 40 प्रतिशत यानी करीब KD 1,100 तक की मासिक किस्त बन सकती है। इसी तरह KD 1,225 सैलरी वाले व्यक्ति की किस्त लगभग KD 490 हो सकती है। जो 'प्लैटिनम' श्रेणी के प्रवासी हैं, जिनके पास बैंक में बड़े डिपॉजिट, शेयर, संपत्ति और ज्यादा EOS जमा है, उन्हें बैंक अच्छी दरों पर लोन देते हैं और उनकी लोन सीमा भी अधिक होती है क्योंकि बैंक ऐसे ग्राहकों को अपने पास रखना चाहते हैं।

प्रवासी कर्मचारियों के लिए जरूरी सलाह

कुवैत में रहने वाले प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे लोन के लिए आवेदन करने से पहले अपने ऑफिस या HR विभाग से सैलरी सर्टिफिकेट, बचे हुए कॉन्ट्रैक्ट की अवधि और अनुमानित EOS का लिखित दस्तावेज जरूर ले लें। जिन लोगों की नौकरियां स्थानीयकरण के निशाने पर हैं, उन्हें छोटे कार्यकाल वाले लोन मिल सकते हैं या फिर बैंक उनसे अतिरिक्त गारंटी और गारंटर की मांग कर सकते हैं। वित्तीय विशेषज्ञों का यह कहना है कि अपनी सैलरी का लेन-देन उसी बैंक से रखें जहां से लोन ले रहे हैं और इस गलतफहमी में बिल्कुल न रहें कि पहले से मंजूर हुई लोन सीमा मौजूदा आर्थिक हालात में भी वैसी ही बनी रहेगी।

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