Kuwait Loan Rules: कुवैत में expatriates के लिए लोन लेना हुआ सख्त, बैंकों ने बनाए नए नियम.

Nura Basta15 September 20263 min read26 viewsKuwait
Kuwait Loan Rules: कुवैत में expatriates के लिए लोन लेना हुआ सख्त, बैंकों ने बनाए नए नियम.

कुवैत में नौकरी करने वाले प्रवासियों के लिए लोन लेना अब और ज्यादा मुश्किल हो गया है। 15 September 2026 से देश के बैंकों ने पर्सनल और हाउसिंग लोन के नियमों को काफी कड़क कर दिया है। बैंक अब उन नौकरियों और प्रोफेशन को 'ग्रे लिस्ट' में डाल रहे हैं जिन पर नौकरी जाने का खतरा ज्यादा है। इस बदलाव का सीधा असर भारत, फिलीपींस, मिस्र और पाकिस्तान से आए उन आम कामगारों और परिवारों पर पड़ रहा है जो अपनी रोजमर्रा की जरूरतों, गाड़ी या मकान के लिए लोन लेना चाहते हैं।

कुवैतलाइजेशन पॉलिसी का असर लोन पर

कुवैत सरकार इन दिनों अपने देश के नागरिकों को नौकरी देने के लिए Kuwaitisation Policy तेजी से लागू कर रही है। हाल ही में शिक्षा मंत्रालय ने अपने पहले चरण में लगभग 7,019 विदेशी शिक्षकों के कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने का ऐलान किया है। इसी वजह से बैंक अब किसी भी व्यक्ति को लोन देने से पहले उसकी नौकरी की सुरक्षा, कंपनी की स्थिति और नौकरी की अवधि को बहुत बारीकी से जांच रहे हैं। बैंक यह देखना चाहते हैं कि क्या आवेदक की नौकरी आने वाले समय में सुरक्षित है या नहीं।

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लोन देने के लिए बैंकों की नई शर्तें

बैंक अब लोन आवेदन मंजूर करने से पहले कई बातों की जांच करते हैं। इसमें मुख्य रूप से ये चीजें शामिल हैं:

  • आवेदक की नौकरी कितनी सुरक्षित है।
  • कंपनी कुवैत स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड है या नहीं।
  • कर्मचारी ने कंपनी में कितने साल काम किया है।

बैंकों में न्यूनतम मासिक सैलरी की आवश्यकता KD 400 से KD 600 के बीच है जो संस्थान के हिसाब से बदलती है। इसके अलावा उपभोक्ता और आवास वित्त को मिलाकर अधिकतम लोन की सीमा KD 95,000 तय की गई है। वहीं लोन की मासिक किस्त आवेदक की नेट सैलरी के 40% से ज्यादा नहीं हो सकती है। जिन कर्मचारियों को कंपनी में 10 साल से ज्यादा का समय हो गया है, उन्हें बैंक ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं क्योंकि उनके पास अच्छी खासी एंड-ऑफ-सर्विस बेनिफिट राशि जमा होती है।

किन लोगों को हो रही है सबसे ज्यादा परेशानी

सरकारी स्कूलों में अतिरिक्त विषयों के शिक्षक, कोऑपरेटिव सोसाइटियों और पब्लिक-बेंफिट संगठनों में काम करने वाले कर्मचारियों को लोन मिलने में अब बहुत दिक्कत आ रही है। इसके अलावा कम सैलरी वाले और कम योग्यता रखने वाले नए कर्मचारियों को भी बैंक आसानी से लोन नहीं दे रहे हैं। दूसरी तरफ डॉक्टर, इंजीनियर, स्वास्थ्यकर्मी, टेक्नोलॉजी और एआई एक्सपर्ट्स तथा सुरक्षित क्षेत्रों के शिक्षकों को बैंक अभी भी प्राथमिकता दे रहे हैं। कुछ बैंकों ने तो यह भी नियम बना दिया है कि अगर किसी कर्मचारी की नौकरी जाती है, तो उसकी एंड-ऑफ-सर्विस राशि सीधे बैंक को दी जानी चाहिए जिसकी गारंटी कंपनी को लेनी होगी।

इस पूरी स्थिति की जानकारी Times Kuwait और Gulf News ने 15 September 2026 को साझा की थी। यह बदलाव किसी एक सरकारी आदेश की वजह से नहीं बल्कि बैंकों द्वारा अपने स्तर पर जोखिम से बचने के लिए उठाए गए कदम हैं। इससे कुवैत में रहने वाले लाखों प्रवासियों की वित्तीय योजना पर असर पड़ा है और उन्हें अपने परिवार के खर्चों या घर-गाड़ी खरीदने के लिए लोन लेने में काफी संघर्ष करना पड़ रहा है।

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