Kuwait News: कुवैत के बैंकों ने प्रवासियों के लिए लोन के नियम सख्त किए, सैलरी की सीमा बढ़ाई.

कुवैत में नौकरी करने वाले और वहां बसने का सपना देखने वाले प्रवासियों के लिए एक बड़ी और जरूरी खबर सामने आई है। कुवैत के स्थानीय बैंकों ने पर्सनल और हाउसिंग लोन के नियमों को काफी कड़ा कर दिया है। अब वहां काम करने वाले विदेशी कर्मचारियों को लोन लेने के लिए पहले से ज्यादा पापड़ बेलने पड़ेंगे। इस नए बदलाव का असर भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और फिलीपींस जैसे देशों से आए उन लाखों प्रवासियों पर सीधा पड़ेगा जो अपनी गाड़ी खरीदने या घर के लिए डाउन पेमेंट का इंतजाम करने के वास्ते बैंक से कर्ज लेने की सोचते हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से यह जानकारी मिली है कि यह कदम देश में तेजी से चल रही कुवैतीकरण नीति और लोगों की नौकरी की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है।
सैलरी की न्यूनतम सीमा बढ़ाई गई
नए नियमों के तहत बैंकों ने प्रवासी उधारकर्ताओं के लिए न्यूनतम वेतन यानी सैलरी की सीमा को बढ़ा दिया है। पहले जहां 250 से 300 कुवैती दीनार कमाने वाले लोग भी आसानी से लोन ले लेते थे, वहीं अब इस सीमा को बढ़ाकर 500 कुवैती दीनार प्रति माह कर दिया गया है। हालांकि, मेडिकल, इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर, तकनीकी पदों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या आईटी सेक्टर में काम करने वाले लोगों को बैंक अभी भी प्राथमिकता दे रहे हैं। लेकिन नए कर्मचारियों और कम योग्यता वाले प्रोफेशनल्स के लिए लोन की शर्तें बेहद कड़ी कर दी गई हैं। बैंक अब लोन की पूरी अवधि के दौरान आवेदक की नौकरी की स्थिरता की बारीकी से जांच कर रहे हैं.
लोन की रकम और दूसरी शर्तें
प्रवासियों के लिए कंबाइंड कंज्यूमर और हाउसिंग लोन की अधिकतम सीमा अभी भी 95,000 कुवैती दीनार तय है, लेकिन वित्तीय संस्थान कई मामलों में व्यक्तिगत आधार पर इस सीमा को घटा रहे हैं। इसके अलावा कुछ बैंक सेवा समाप्ति पर मिलने वाले इंडिमनिटी पेमेंट के आधार पर भी लोन की सीमा तय कर रहे हैं, जिसमें कुछ जगहों पर 20 प्रतिशत तक की कटौती भी की जा रही है। बैंक केवल आवेदक की सैलरी ही नहीं देख रहे हैं, बल्कि उनके मालिक यानी कंपनी की वित्तीय स्थिरता की भी पूरी जांच कर रहे हैं। जिन सेक्टरों में कुवैतीकरण तेजी से हो रहा है, वहां काम करने वाले लोगों के लोन आवेदन अस्वीकार होने का खतरा सबसे ज्यादा बना हुआ है.
प्रवासियों के लिए जरूरी सलाह
इस पूरी स्थिति को देखते हुए वित्तीय विशेषज्ञों ने प्रवासियों को सलाह दी है कि वे लोन के लिए आवेदन करने से पहले बैंक अधिकारियों से जरूर बात करें। अपने सभी दस्तावेज जैसे कि बचत के रिकॉर्ड, रोजगार अनुबंध और नौकरी छोड़ने से जुड़े पत्र पूरी तरह तैयार रखें। अगर कोई प्रवासी ऐसे सेक्टर में काम करता है जो कुवैतीकरण की नीति से प्रभावित हो सकता है, तो उन्हें बड़े कर्ज लेने से बचने की सलाह दी जाती है ताकि भविष्य में किसी भी तरह की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। कुवैत के संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप Gulf News और Manorama Online की रिपोर्ट देख सकते हैं।