Kuwait News: कुवैत ने खाने और दवाइयों का किया बड़ा इंतजाम, छह महीने तक देश में नहीं होगी कमी।

कुवैत सरकार ने देश में खाने-पीने की चीजें, दवाइयों और पानी की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। वर्तमान बाजार की स्थिति यह बताती है कि देश में जरूरी सामानों की कोई कमी नहीं है और सब कुछ पूरी तरह से स्थिर है। इस पूरी योजना की देखरेख Ministry of Commerce and Industry द्वारा की जा रही है, जो यह सुनिश्चित कर रही है कि देश के पास कम से कम 6 months यानी छह महीने तक का बुनियादी सामान सुरक्षित रूप से उपलब्ध रहे। इन सभी महत्वपूर्ण विकास कार्यों और योजनाओं को मंत्रिपरिषद यानी Council of Ministers की आने वाली आठवीं periodic report में शामिल किया जाएगा और पूरी तरह से दर्ज किया जाएगा।
इस काम को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए मंत्रालय ने सभी संबंधित सरकारी विभागों को एक निर्देश जारी किया है। इस निर्देश के तहत सभी विभागों को एक हफ्ते के भीतर अपनी प्रस्तावित योजनाएं और इनिशिएटिव जमा करने को कहा गया है। यह फैसला कैबिनेट के उस फैसले के मुताबिक है जिसमें सभी विभागों को आपस में मिलकर काम करने, सुरक्षा रणनीतियों को अपडेट करने और पहले से चल रहे कामों की रिपोर्ट देने के लिए कहा गया था। इस पूरी प्रक्रिया में Kuwait Supply Company एक बहुत ही मुख्य भूमिका निभा रही है। यह कंपनी अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े और भरोसेमंद साझेदारों के साथ मध्यम और लंबी अवधि के अनुबंध कर रही है ताकि सामान की गुणवत्ता बनी रहे और सप्लाई में किसी भी तरह की कोई रुकावट न आए।
रणनीति के मुख्य उद्देश्य और सप्लायरों का विस्तार
सरकार की इन नई रणनीतिक योजनाओं का मुख्य मकसद देश में सामान सप्लाई करने वाले सप्लायरों की संख्या और उनके इलाकों को अलग-अलग देशों में फैलाना है। इसके साथ ही सप्लाई चेन में आने वाले संभावित जोखिमों की समय रहते जांच की जा रही है और स्थानीय स्तर पर खाने के उत्पादन की क्षमता को भी तेजी से बढ़ाया जा रहा है। अधिकारी इस बात पर खास ध्यान दे रहे हैं कि कृषि से जुड़े मार्केटिंग सिस्टम को बेहतर बनाया जाए, कीमतों पर कड़ी नजर रखी जाए और खाने-पीने के सामान तथा पशुओं के चारे के लिए कस्टम्स क्लीयरेंस की प्रक्रिया को और ज्यादा आसान बनाया जाए। इसके अलावा देश भर में सामान लाने ले जाने की प्रक्रिया यानी लॉजिस्टिक्स को हमेशा सुचारू रूप से चलाने के लिए आपातकालीन योजनाएं भी तैयार की जा रही हैं ताकि किसी भी मुश्किल वक्त में कोई परेशानी न हो।
जनता के स्वास्थ्य और खाने की बर्बादी रोकने के लिए नए नियम
इन बड़े बदलावों के साथ-साथ आम जनता की सेहत और सामाजिक भलाई के लिए भी कई नए कदम उठाए जा रहे हैं। इसमें स्कूलों की कैंटीन के लिए पोषण से जुड़े मानक तय करना, खाने-पीने की सभी दुकानों के लिए कैलोरी की जानकारी देना अनिवार्य बनाना और परोसे जाने वाले खाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की पूरी सूची देना शामिल है। कृषि उत्पादन को बेहतर बनाने और मानव संसाधन पर आने वाले खर्च को कम करने के लिए एक विस्तृत लेबर मार्केट स्टडी भी इस समय चल रही है। इसके साथ ही सरकार एक नया राष्ट्रीय कार्यक्रम भी शुरू कर रही है जिसका मुख्य उद्देश्य खाने की बर्बादी और नुकसान को रोकना है। इस कार्यक्रम के तहत निजी क्षेत्र यानी प्राइवेट सेक्टर और आम जनता को साथ जोड़कर बचे हुए खाने का सही प्रबंधन किया जाएगा। लोगों की जीवनशैली को और बेहतर बनाने तथा खाद्य उद्योग को सही से चलाने के लिए नए तकनीकी नियम और आचार संहिता भी तैयार की जा रही हैं।