कुवैत में 300 दीनार से कम वेतन वालों के लिए बैंक खातों में नए सुरक्षा नियम लागू
सेंट्रल बैंक ऑफ कुवैत ने 300 KD या उससे कम वेतन पाने वाले कर्मचारियों के खातों के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य किया है।

कुवैत: सेंट्रल बैंक ऑफ कुवैत (CBK) ने निजी क्षेत्र के उन कर्मचारियों के लिए नए नियामक सुरक्षा उपाय लागू करने की घोषणा की है, जिनका मासिक वेतन 300 कुवैती दीनार (KD) या उससे कम है। ये नियम 31 दिसंबर 2026 से प्रभावी होंगे।
इन उपायों का मुख्य उद्देश्य फर्जी वेतन भुगतान को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि श्रमिकों का अपनी कमाई पर पूरा नियंत्रण रहे। ये नियम 28 सितंबर 2026 को शुरू किए गए कुवैत वेज पेमेंट सिस्टम (KWPS) का हिस्सा होंगे।
नए आदेश के तहत, यदि कवर किए गए सैलरी अकाउंट से 25 KD या उससे अधिक की राशि निकाली, ट्रांसफर की या भुगतान किया जाता है, तो टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) अनिवार्य होगा। यह प्रक्रिया बैंकिंग एप्लिकेशन के सामान्य लॉगिन से अलग होगी।
खाताधारक को ट्रांजैक्शन पूरा करने से पहले उसकी मंजूरी लेनी होगी, जिसमें ट्रांजैक्शन का प्रकार, राशि और लाभार्थी का विवरण स्पष्ट रूप से दिखाया जाएगा।
बैंकों को उन कर्मचारियों के लिए वैकल्पिक और सुरक्षित ऑथेंटिकेशन तरीके उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है, जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है या जो बैंकिंग ऐप्स का उपयोग नहीं कर सकते हैं।
सेंट्रल बैंक ने स्पष्ट किया है कि इन निगरानी उपायों के लिए पात्रता का निर्धारण बैंक द्वारा रिकॉर्ड किए गए सबसे हालिया मासिक वेतन के आधार पर किया जाएगा, न कि व्यक्तिगत ट्रांजैक्शन राशि या अकाउंट बैलेंस के आधार पर।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि यदि कोई कर्मचारी अपनी पूरी सैलरी नकद निकालता है, तो इसे वेतन हेराफेरी का सबूत नहीं माना जाएगा। कर्मचारियों को अपनी पूरी कमाई तक पहुंच का पूरा अधिकार है।
स्थानीय बैंकों को संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है, जैसे कि नियोक्ता द्वारा कर्मचारियों के बैंक कार्ड अपने पास रखना या उनसे वेतन वापस करने के लिए दबाव डालना।
पब्लिक अथॉरिटी फॉर मैनपावर (PAM), सेंट्रल बैंक ऑफ कुवैत के साथ मिलकर नियोक्ताओं के अनुपालन की निगरानी करेगी और श्रम उल्लंघन की जांच करेगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि निजी क्षेत्र के सभी वेतन इलेक्ट्रॉनिक रूप से संसाधित हों और केवल संबंधित प्राप्तकर्ताओं के नियंत्रण में रहें।