कुवैत में चीन के राजदूत बोले: मुबारक अल-कबीर पोर्ट और बुनियादी ढांचे पर तेज़ी से काम जारी
कुवैत और चीन ने मुबारक अल-कबीर पोर्ट और नॉर्थ कबद वेस्टवाटर प्लांट जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के जरिए अपने रणनीतिक सहयोग को तेज किया है।

कुवैत: कुवैत और चीन के बीच रणनीतिक सहयोग के प्रोजेक्ट्स अब रफ्तार पकड़ रहे हैं। दोनों देश बुनियादी ढांचे के विकास और आर्थिक मोर्चों पर मिलकर काम कर रहे हैं।
कुवैत में चीन के राजदूत एच.ई. यांग शिन ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को इस बात की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि दोनों देश कई प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों में अपने साझा प्रयासों का विस्तार कर रहे हैं।
इन विकास कार्यों में मुबारक अल-कबीर पोर्ट का निर्माण सबसे अहम है। यह प्रोजेक्ट कुवैत के 'विजन 2035' का मुख्य हिस्सा है, जिसका लक्ष्य क्षेत्र में एक बड़ा समुद्री लॉजिस्टिक्स हब तैयार करना है।
साथ ही, नॉर्थ कबद वेस्टवाटर ट्रीटमेंट प्लांट और संबंधित कार्यों के प्रोजेक्ट का आधिकारिक उद्घाटन भी कर दिया गया है। इस प्लांट का प्रबंधन चाइना स्टेट कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (CSCEC) द्वारा किया जा रहा है।
राजदूत यांग शिन के मुताबिक, इस प्लांट की शुरुआती क्षमता रोजाना 5 लाख क्यूबिक मीटर पानी साफ करने की है। भविष्य में इसे बढ़ाकर 10 लाख क्यूबिक मीटर तक किया जा सकता है।
विकास में तालमेल बिठाने के लिए चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना को कुवैत के विजन 2035 के साथ जोड़ा जा रहा है। इसमें स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के तहत 'सिल्क सिटी' प्रोजेक्ट और अक्षय ऊर्जा पर जोर दिया जाएगा।
नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में शगाया और अब्दालिया जोन में सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा दोनों पक्ष तकनीक और डिजिटलीकरण पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
सहयोग के दायरे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 5G, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के लिए उन्नत अर्ली-वार्निंग सिस्टम शामिल हैं। इन कोशिशों का मकसद कुवैत की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर एशिया, मध्य पूर्व और यूरोप के बीच व्यापारिक कनेक्टिविटी को बढ़ाना है।