सऊदी अरब के पवित्र स्थलों पर हूती मिसाइल हमलों की कुवैत ने की कड़ी निंदा
कुवैत ने मक्का और मदीना को निशाना बनाने की हूती मिसाइल कोशिश की कड़ी निंदा की है और सऊदी अरब के साथ एकजुटता जताई है।

कुवैत: कुवैत समाचार एजेंसी (KUNA) ने 25 अक्टूबर 2026 को सऊदी अरब के अलग-अलग इलाकों में हूती मिलिशिया द्वारा किए गए आतंकवादी हमलों की आधिकारिक तौर पर निंदा की है। इस बयान में खासतौर पर मक्का और मदीना जैसे पवित्र शहरों को दो बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश की भर्त्सना की गई है।
कुवैत ने सऊदी अरब के साथ अपनी पूरी एकजुटता जाहिर की है। कुवैत का कहना है कि सऊदी अरब की सुरक्षा कुवैत और पूरे खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) की सुरक्षा से अलग नहीं है।
इससे पहले 24 अक्टूबर 2026 को सऊदी सिविल डिफेंस ने बताया था कि दो बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच में ही रोक दिया गया था। इन मिसाइलों का मलबा जेद्दा के अल-नुजहा, ताइफ के वादी जलील, राबिघ के मस्तुराह सेंटर और वादी अल-मुगम्मास जैसे इलाकों में गिरा था।
कुवैत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि क्षेत्रीय नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2216 और 2722 को सख्ती से लागू किया जाए।
ग्रैंड मस्जिद और पैगंबर मस्जिद के धार्मिक मामलों के अध्यक्ष शेख अब्दुलरहमन अल-सुदैस ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय मानदंडों का खुला उल्लंघन बताया है। दूसरी तरफ, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारे ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि उनके अभियान सैन्य ठिकानों पर केंद्रित थे।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने 25 अक्टूबर को रियाद और दक्षिणी क्षेत्र में भी मिसाइलों को रोकने की जानकारी दी। इस दौरान असिर क्षेत्र में मिसाइल का मलबा गिरने से दो लोग घायल हो गए।