कुवैत की अदालत ने ड्रग तस्करी के दो मामलों में तीन विदेशियों को मौत की सजा सुनाई
कुवैत की क्रिमिनल कोर्ट ने ड्रग तस्करी और स्मगलिंग के आरोप में दो लेबनानी और एक भारतीय नागरिक को मौत की सजा सुनाई है।

कुवैत: कुवैत की क्रिमिनल कोर्ट के सेकंड सर्किट ने नशीले पदार्थों की तस्करी के दो अलग-अलग मामलों में तीन विदेशी नागरिकों को मौत की सजा सुनाई है। सजा पाने वालों में दो लेबनानी नागरिक और एक भारतीय नागरिक शामिल है। 1 नवंबर 2026 को आई इस रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला देश में नशीले और साइकोट्रोपिक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी न्यायिक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
पहले मामले में दो लेबनानी पुरुषों को हशीश और साइकोट्रोपिक पदार्थों के मिश्रण की तस्करी और सेवन का दोषी पाया गया। एंटी-नारकोटिक्स यूनिट को मिली गुप्त सूचना के बाद जांच शुरू की गई, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया।
तलाशी के दौरान अधिकारियों ने बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री जब्त की। इसमें दो किलोग्राम मारिजुआना, 400 ग्राम हशीश, आधा किलोग्राम सिंथेटिक कैनबिनोइड्स और 6,000 लिरिका कैप्सूल शामिल थे। इसके अलावा, जांचकर्ताओं को तस्करी के लिए इस्तेमाल होने वाले तीन सटीक तराजू और पैकिंग का सामान भी मिला।
वहीं, एक अलग मामले में एक भारतीय नागरिक को कुवैत में साइकोट्रोपिक पदार्थ तस्करी की कोशिश के लिए मौत की सजा दी गई। आरोपी ने अंतरराष्ट्रीय पार्सल के जरिए जूतों के एक कार्टन के अंदर अवैध पदार्थों से सराबोर 100 A4 साइज के कागज छिपाकर भेजने की कोशिश की थी।
इस तस्करी की कोशिश को कुवैत सीमा शुल्क अधिकारियों और एंटी-नारकोटिक्स यूनिट के साझा प्रयासों से नाकाम किया गया। कानूनी जानकारों के मुताबिक, ये मौत की सजाएं मानक न्यायिक प्रक्रियाओं के अधीन हैं।
दोषियों के पास ऊपरी अदालतों में इन फैसलों के खिलाफ अपील करने का अधिकार है। कुवैत की कानूनी व्यवस्था के तहत, मृत्युदंड के सभी मामलों की अपील कोर्ट द्वारा स्वचालित समीक्षा की जाती है और मामला सुप्रीम कोर्ट तक जा सकता है। सजा की अंतिम मंजूरी अमीर द्वारा दी जाती है।