कुवैत कोर्ट ने घरेलू सहायिका की मौत के मामले में महिला की सजा 15 से घटाकर 10 साल की
कुवैत की कोर्ट ऑफ अपील ने घरेलू सहायिका की मौत के मामले में एक महिला की सजा 15 साल से घटाकर 10 साल कर दी है।

कुवैत: सबाह अल-नासिर इलाके में एक घरेलू सहायिका की मौत के मामले में कुवैत कोर्ट ऑफ अपील ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी खाड़ी महिला की सजा को 15 साल से घटाकर 10 साल कर दिया है।
अदालत ने इस मामले में कानूनी धाराओं में बदलाव करते हुए आरोपों को 'सोची-समझी हत्या' (premeditated murder) से बदलकर 'गैर इरादतन हत्या' (manslaughter) कर दिया है। इसी आधार पर महिला की जेल की अवधि कम की गई है।
पब्लिक प्रॉसिक्यूशन द्वारा पेश किए गए मामले के मुताबिक, आरोपी महिला पर आरोप था कि उसने जानबूझकर इस हमले की योजना बनाई थी। सबूतों के आधार पर यह दावा किया गया था कि महिला ने एक छड़ी से सहायिका के साथ मारपीट की और उसके शरीर पर क्लोरीन जैसा जलने वाला केमिकल डाल दिया।
प्रॉसिक्यूशन ने यह भी आरोप लगाया था कि गंभीर चोटें लगने के बावजूद आरोपी महिला ने तीन दिनों तक पीड़िता की अनदेखी की। इस दौरान उसे कोई चिकित्सा सहायता नहीं दिलाई गई, जिसके कारण अंततः सहायिका की मौत हो गई।
द टाइम्स कुवैत ने 8 नवंबर, 2026 को इस अदालती फैसले की जानकारी दी। पिछले 24 घंटों में इस मामले में कोई नया आधिकारिक बयान या अपडेट सामने नहीं आया है।