कुवैत में कर्मचारियों को वेतन न देने वाली 10 हजार कंपनियों की जांच शुरू हुई और नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

कुवैत: कुवैत सरकार ने उन कंपनियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया है जो अपने कर्मचारियों को वेतन नहीं दे रही हैं। इस जांच के दायरे में करीब 10,000 कंपनियां आई हैं जिन पर श्रम कानूनों के उल्लंघन का संदेह है।
प्रथम उप प्रधानमंत्री और आंतरिक मंत्री शेख फहद अल-यूसुफ अल-सबाह ने इस पहल की घोषणा की। वह पब्लिक अथॉरिटी फॉर मैनपावर (PAM) के चेयरमैन भी हैं। उन्होंने निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक के दौरान यह जानकारी दी।
यह जांच उन कंपनियों पर केंद्रित है जिनमें पांच या उससे ज्यादा लोग काम करते हैं और जिन्होंने कई महीनों से लेकर 18 महीने तक का वेतन रोक रखा है। अधिकारी अब यह भी देख रहे हैं कि इन मामलों का संबंध मनी लॉन्ड्रिंग या मानव तस्करी से तो नहीं है।
सरकार ने अब हर महीने की 20 तारीख को वेतन भुगतान की औपचारिक समय सीमा तय कर दी है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 28 सितंबर 2026 को 'कुवैत वेज पेमेंट सिस्टम' (KWPS) लॉन्च किया गया, जिससे पेरोल लेनदेन की इलेक्ट्रॉनिक निगरानी की जा सकेगी।
अधिकारियों ने श्रम शोषण का एक गंभीर उदाहरण साझा किया। एक मामला सामने आया जिसमें एक कर्मचारी का वेतन 3,000 कुवैती दीनार दर्ज था, लेकिन उसे वास्तव में केवल 180 कुवैती दीनार ही मिले।
शेख फहद ने हाल ही में 300 डिलीवरी कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की कड़ी निंदा की। उन्होंने उन प्रथाओं की भी आलोचना की जिनमें कर्मचारियों से कथित तौर पर 18 घंटे काम कराया जाता था।
आंकड़ों के मुताबिक वेतन अनुपालन में सुधार हुआ है। जुलाई 2025 में यह 38.7 प्रतिशत था, जो जुलाई 2026 तक बढ़कर 75.6 प्रतिशत हो गया है। इसमें 36.9 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और उनके नए वर्क परमिट आवेदनों पर रोक लगा दी जाएगी। कर्मचारी अपनी शिकायतें 'साहेल' ऐप पर 'बलाघनी' सेवा के माध्यम से दर्ज करा सकते हैं।