कुवैत ने नया मध्यस्थता कानून जारी किया, डिक्री-लॉ नंबर 120

कुवैत: कुवैत ने डिक्री-लॉ नंबर 120 वर्ष 2026 जारी कर देश का नया राष्ट्रीय मध्यस्थता ढांचा लागू किया है। इस कानून का मकसद विवादों का जल्दी निपटारा करना, सरकारी धन की सुरक्षा करना और निवेशकों का भरोसा बढ़ाना है।
इस कानून का मसौदा 16 सितंबर 2026 को मंत्रिमंडल की साप्ताहिक बैठक में मंजूर हुआ था। बैठक की अध्यक्षता कार्यकारी प्रधानमंत्री और गृह मंत्री शेख फहद यूसुफ साद अल-सबाह ने की थी। मंजूरी के बाद मसौदा अंतिम विचार के लिए अमीर शेख मिशाल अल-अहमद अल-जाबर अल-सबाह के पास भेजा गया।
नए कानून से अब तक बिखरे हुए मध्यस्थता नियमों को एक ही आधुनिक कानून में समेटा गया है। इसे अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक मध्यस्थता पर UNCITRAL मॉडल कानून को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें पक्षों की स्वायत्तता और राज्य की संप्रभुता के बीच संतुलन रखा गया है।
कानून में सरल प्रक्रियाएं और कार्यवाही के लिए तय समय-सीमा शामिल की गई है, ताकि मामलों का निपटारा कम समय में हो सके। इसके साथ मध्यस्थता संस्थानों के लिए स्पष्ट नियम भी तय किए गए हैं।
न्याय मंत्री काउंसलर नासिर यूसुफ अल-सुमैत ने इसे विधायी क्षेत्र में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे कानूनी स्पष्टता बढ़ेगी और पुराने, कई प्रावधानों वाले नियमों से होने वाली दिक्कतें दूर होंगी। उनके मुताबिक इससे कुवैत की क्षेत्रीय वित्तीय और वाणिज्यिक केंद्र की स्थिति भी मजबूत होगी।
नए नियमों में पारदर्शिता, निष्पक्षता और गोपनीयता के मानक बढ़ाए गए हैं। कानून में डिजिटल सुनवाई और दस्तावेजों के आदान-प्रदान के लिए इलेक्ट्रॉनिक प्रक्रियाओं को भी साफ तौर पर मान्यता दी गई है।
सरकारी अनुबंधों से जुड़ी मध्यस्थता के लिए इस कानून में अलग प्रोटोकॉल तय किए गए हैं। इसमें मध्यस्थों की देनदारी को सीमित किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे घरेलू और विदेशी निवेशकों के लिए माहौल अधिक अनुमान योग्य होगा।