Kuwait News: कुवैत में बड़ा एक्शन, Sahel App के जरिए 7,019 प्रवासी टीचर्स की नौकरी खत्म.

कुवैत देश के शिक्षा मंत्रालय ने एक बहुत बड़ा कदम उठाते हुए सरकारी स्कूलों से कुल 7,019 प्रवासी टीचर्स के अनुबंध यानी कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिए हैं। यह देश के इतिहास में शिक्षकों की बर्खास्तगी का अब तक का सबसे बड़ा मामला है। नई शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के ठीक पहले टीचर्स को सरकार के आधिकारिक Sahel app के माध्यम से 7 और 8 सितंबर 2026 को यह नोटिस भेजे गए। इस सरकारी फैसले का सीधा असर भारत, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, पाकिस्तान और फिलीपींस जैसे देशों से आए उन हजारों परिवारों पर पड़ा है जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी और बच्चों की पढ़ाई का हिसाब इस नौकरी के हिसाब से सेट किया था। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप Arab Times की रिपोर्ट देख सकते हैं।
कुवैत के स्कूलों में क्या है स्टाफ की स्थिति
आधिकारिक मंत्रालय के डेटा के मुताबिक, कुवैत के सरकारी स्कूलों में कुल काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या 91,761 है। इनमें से कुवैती नागरिक कुल स्टाफ का 70.6% हिस्सा हैं, जबकि खाड़ी देशों और बीडून शिक्षकों की हिस्सेदारी 10.1% है। इसके अलावा बचे हुए 19.3% लोग अरब और अन्य देशों के प्रवासी हैं, जिन्हें इस छंटनी योजना का मुख्य निशाना बनाया गया है। इस पहली छंटनी में कुल 1,551 पुरुष और 5,468 महिलाएं शामिल हैं। मंत्रालय को उम्मीद है कि इस बड़े कदम से हर साल वेतन के रूप में लगभग 42 मिलियन केडी यानी करीब 137 मिलियन अमेरिकी डॉलर की बचत होगी। सबसे ज्यादा सरप्लस यानी जरूरत से ज्यादा टीचर्स फिजिकल एजुकेशन और इस्लामिक एजुकेशन विभागों में पाए गए हैं। नौकरी गंवाने वाले सभी शिक्षकों को उनके पद से हटाने से पहले तीन महीने का नोटिस पीरियड दिया गया है, जिसके बाद उनके कॉन्ट्रैक्ट हमेशा के लिए खत्म हो जाएंगे।
प्रवासी परिवारों और बैंकों पर असर
इस अचानक लिए गए फैसले से उन शिक्षकों के परिवारों की आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई है जिन्होंने स्कूल की फीस, घर का किराया और घर पैसे भेजने जैसे जरूरी काम पहले से तय कर रखे थे। मिस्र से ताल्लुक रखने वाले एक प्राइमरी गणित के टीचर ने बताया कि वह 6 सितंबर को ही काम पर वापस लौटे थे और उन्हें 8 सितंबर को यह बर्खास्तगी का नोटिस मिल गया। इस घटना से यह साफ पता चलता है कि यह फैसला कितनी अचानक और तेजी से लिया गया है। बहुत से ऐसे टीचर्स हैं जिन्होंने अपने परिवार और पर्सनल लोन ले रखे हैं। ऐसी खबरें भी सामने आ रही हैं कि कुवैत के बैंकों ने शिक्षकों की संख्या में कटौती की खबर मिलते ही प्रवासियों को लोन देना बहुत सख्त कर दिया है। इसके अलावा इन टीचर्स के बच्चों की पढ़ाई और उनका भविष्य भी अधर में लटक गया है और उन्हें अचानक से अपना स्कूल या देश बदलना पड़ सकता है। मंत्रालय की इस योजना के आने वाले चरणों में 26,000 से अधिक अन्य पदों पर भी खतरा मंडरा रहा है।
प्रवासी टीचर्स के लिए जरूरी सलाह
अधिकारियों ने सभी प्रभावित शिक्षकों को सलाह दी है कि वे लगातार Sahel app पर नजर बनाए रखें और अपने सभी सैलरी तथा नौकरी से जुड़े दस्तावेजों की कॉपी अपने पास सुरक्षित रखें। इसके अलावा शिक्षकों से यह भी कहा गया है कि वे अपने स्कूल प्रशासन से अंतिम कार्य दिवस और मिलने वाले फायदों के बारे में लिखित में जानकारी जरूर मांगें। टीचर्स को यह भी सलाह दी गई है कि वे अपने देश के दूतावास के लेबर विंग से संपर्क करें ताकि उन्हें देश छोड़ने की आखिरी प्रक्रिया में मदद मिल सके। साथ ही सैलरी बंद होने से पहले अपने लोन के मामलों को लेकर बैंकों से तुरंत बातचीत करने की सलाह दी गई है। इन सभी जानकारियों के मुख्य स्रोत Kuwait Times, टाइम्स कुवैत और शिक्षा मंत्रालय के आधिकारिक बयान रहे हैं जो 7-8 सितंबर 2026 के दौरान जारी किए गए थे।