कुवैत में कुत्ता पालने के नियम हुए सख्त: लाइसेंस और थूथन अनिवार्य

कुवैत: कुवैत में कुत्ता पालने के नियम अब पहले से काफी सख्त हो गए हैं। गृह मंत्रालय ने नए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनका सीधा असर वहां रह रहे प्रवासी समुदाय पर पड़ेगा। सरकार का कहना है कि इन कदमों का मकसद सार्वजनिक सुरक्षा, जानवरों के कल्याण और रिहायशी इलाकों की साफ-सफाई को बेहतर बनाना है।
अब हर कुत्ता मालिक के लिए आधिकारिक स्वामित्व लाइसेंस लेना जरूरी होगा। इसका मतलब है कि पालतू कुत्ते का सरकारी रिकॉर्ड में पंजीकरण होना चाहिए। साथ ही कुत्ते के गले में एक धातु का पहचान टैग वाला पट्टा होना चाहिए, जिस पर उसका पंजीकरण या क्रम संख्या लिखी हो।
स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण
नियमों में पालतू जानवर की नियमित स्वास्थ्य जांच भी शामिल है। मालिकों को कुत्ते को अधिकृत पशु चिकित्सा केंद्रों पर ले जाना होगा। रेबीज़ का टीकाकरण अनिवार्य है और हर साल उसकी बूस्टर खुराक भी लेनी होगी। अगर किसी कुत्ते में रेबीज़ का शक हो या पुष्टि हो जाए, तो मालिक को तुरंत किसी पशु चिकित्सा केंद्र को सूचना देनी होगी।
सड़क, फुटपाथ या किसी भी सार्वजनिक जगह पर कुत्ते को हर समय पट्टे से बांधकर रखना होगा और उसके मुंह पर थूथन लगाना जरूरी होगा। नियम यह भी साफ करता है कि रेबीज़ से संक्रमित माने जाने वाले जानवर के शव को गलत तरीके से ठिकाने लगाना, दफनाना या उसे छूना सख्त मना है।
नियम तोड़ने पर कड़ी सजा का प्रावधान है। दोषी पाए जाने पर एक महीने तक की जेल, 30 दीनार से ज्यादा का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। ये सजाएं मौजूदा कानूनी ढांचे के तहत लागू होंगी, जिसमें कानून नंबर 9, 1969 और खाड़ी सहयोग परिषद के पशु कल्याण प्रावधानों के तत्व शामिल हैं।
प्रवासी निवासियों के लिए सबसे अहम सलाह यह है कि वे जल्द से जल्द अधिकृत पशु चिकित्सक और गृह मंत्रालय से संपर्क करें। दस्तावेज बनवाना और टीकाकरण का रिकॉर्ड अपडेट कराना जरूरी है, ताकि जुर्माने, कैद या रेज़िडेंसी से जुड़ी परेशानियों से बचा जा सके।