कुवैत के घरेलू कार्यबल में भारत समेत चार एशियाई देशों का दबदबा और कुल हिस्सेदारी 86.1 प्रतिशत रही

कुवैत: देश के कुल घरेलू कार्यबल में भारत, श्रीलंका, फिलीपींस और बांग्लादेश जैसे चार एशियाई देशों के श्रमिकों का सबसे ज्यादा प्रभाव है। पब्लिक अथॉरिटी फॉर सिविल इंफॉर्मेशन (PACI) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, इन चार देशों के लोग कुवैत के कुल घरेलू कार्यबल का 86.1 प्रतिशत हिस्सा हैं।
आंकड़ों के अनुसार, कुवैत में कुल 8,83,308 घरेलू श्रमिक काम कर रहे हैं, जिनमें से 7,60,744 श्रमिक इन चार देशों से हैं। इनमें सबसे बड़ी संख्या भारतीय नागरिकों की है। कुल 3,44,532 भारतीय श्रमिक इस क्षेत्र के लगभग 39 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं।
भारतीयों के बाद श्रीलंका के 1,57,901 श्रमिक हैं, जिनकी हिस्सेदारी 17.9 प्रतिशत है। फिलीपींस के 1,51,369 श्रमिक 17.1 प्रतिशत और बांग्लादेश के 1,06,942 श्रमिक 12.1 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं। बाकी बचे 13.9 प्रतिशत या करीब 1,22,564 श्रमिक अन्य देशों के हैं।
सेंट्रल स्टैटिस्टिकल ब्यूरो (CSB) के श्रम बाजार आंकड़ों के मुताबिक, इन श्रमिकों के लिए कानून नंबर 68 (2015) लागू है। इस कानून के तहत न्यूनतम मासिक वेतन 75 कुवैती दीनार तय किया गया है। साथ ही, काम के घंटे अधिकतम 12 घंटे प्रतिदिन और साल में 30 दिन की छुट्टी का प्रावधान है।
कुवैती कानून के अनुसार, नियोक्ताओं के लिए श्रमिकों को चिकित्सा देखभाल देना अनिवार्य है और उनका पासपोर्ट जब्त करना प्रतिबंधित है। जून 2026 तक, आंतरिक मंत्रालय ने श्रम बाजार की निगरानी बढ़ाने के लिए भर्ती को केवल 10 स्वीकृत देशों तक सीमित कर दिया है, जिनमें भारत, फिलीपींस और श्रीलंका शामिल हैं। वहीं, 27 अन्य देशों से भर्ती पर रोक लगा दी गई है।