Kuwait में हुआ ड्रोन हमला, राजधानी के एक रिहायशी इलाके में लगी आग, प्रशासन ने किया कन्फर्म.

Aanya2 September 20263 min read54 viewsKuwait
Kuwait में हुआ ड्रोन हमला, राजधानी के एक रिहायशी इलाके में लगी आग, प्रशासन ने किया कन्फर्म.

कुवैत में क्षेत्रीय तनाव के बीच एक बड़ी घटना सामने आई है जहाँ ईरान की तरफ से किए गए ड्रोन हमले के बाद राजधानी के एक रिहायशी इलाके में आग लग गई थी। कुवैत के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि 2 सितंबर 2026 को राजधानी गवर्नरटी के एक आवासीय परिसर में यह आग लगी थी जिसे दमकल विभाग की टीमों ने सफलतापूर्वक बुझा दिया। इस पूरी घटना को लेकर आम नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों के बीच काफी चिंता का माहौल बन गया था क्योंकि इस तरह के हमलों का सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ता है।

कुवैत फायर फोर्स के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अल-गरीब ने मीडिया को जानकारी दी कि आग पर समय रहते पूरी तरह से काबू पा लिया गया और राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी तरह के जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। सभी अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

कुवैत की सेना ने एक्टिव किया एयर डिफेंस सिस्टम

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कुवैत सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि देश की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह से एक्टिव कर दिया गया है। सेना ने इस पूरी कार्रवाई को ईरान की आक्रामकता का जवाब देने के लिए उठाया गया कदम बताया है। देश के कई हिस्सों में जो तेज धमाकों की आवाजें सुनाई दी थीं, वे असल में आसमान में ही मिसाइलों और ड्रोनों को रोकने के दौरान हुई थीं।

दूसरी तरफ, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि उनके ग्राउंड फोर्स ने अली अल सलेम एयर बेस पर अमेरिकी कमांडर के ठिकाने को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया था। IRGC का यह भी दावा था कि उन्होंने इसके साथ ही जॉर्डन, बहरीन और इराक के एरबिल में भी अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान की तरफ से यह कार्रवाई सीरीक में हुए अमेरिकी हमले के जवाब में की गई थी। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए पाठक WAM की आधिकारिक रिपोर्ट देख सकते हैं।

क्षेत्रीय देशों में भी दिखा असर

इस पूरे क्षेत्रीय तनाव के दौरान खाड़ी के अन्य देशों ने भी अपनी रक्षा प्रणालियों को पूरी तरह सतर्क रखा। अमेरिका के सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने पुष्टि की कि उन्होंने 1 सितंबर 2026 की रात को ईरान के अंदर IRGC के ठिकानों पर हमले किए थे। इसके बाद से ही पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

पड़ोसी देशों की बात करें तो जॉर्डन की सेना ने अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली 13 में से 10 मिसाइलों को हवा में ही नाकाम कर दिया। इसके अलावा, बहरीन के अधिकारियों ने भी देश की ओर आ रहे ईरानी ड्रोनों को हवा में नष्ट करने की बात कही है। कुवैत के प्रशासन ने देश में रहने वाले सभी नागरिकों और प्रवासियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें, पूरी तरह शांत रहें और सरकार तथा सुरक्षा एजेंसियों द्वारा दिए जा रहे दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें क्योंकि वर्तमान स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है।

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