Kuwait Job Scam: यूरोप जॉब वीज़ा के नाम पर 25 प्रवासियों से ठगी, कुवैत में एजेंसी मालिक गिरफ्तार.

कुवैत सिटी में नौकरी और यूरोपियन देशों के वीज़ा का झूठा झांसा देकर प्रवासियों से लाखों रुपये ठगने का एक बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय पुलिस और जांच अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए 5 सितंबर 2026 को एक एम्प्लॉयमेंट एजेंसी के मालिक को धर दबोचा है। इस ठगी के शिकार मुख्य रूप से एशियाई नागरिक हुए हैं जो विदेशों में अच्छी नौकरी की तलाश में थे और अपनी गाढ़ी कमाई इस फर्जी रैकेट के चक्कर में गंवा बैठे। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासी अक्सर ऐसे एजेंट्स के झांसे में आ जाते हैं जो बड़े-बड़े सपने दिखाकर पैसे ऐंठ लेते हैं और बाद में गायब हो जाते हैं।
कैसे दिया गया धोखाधड़ी को अंजाम
पीड़ित प्रवासियों ने बताया कि आरोपी एजेंसी ने उन्हें यूरोप के अलग-अलग देशों में नौकरी दिलाने का वादा किया था। इसके बदले में प्रति व्यक्ति KD2,000 से KD2,500 यानी भारी-भरकम रकम वसूली गई थी। एजेंसी ने लोगों का भरोसा जीतने के लिए उन्हें देखने में एकदम असली लगने वाले नौकरी के कॉन्ट्रैक्ट भी सौंपे थे। साथ ही यह आश्वासन दिया गया था कि कुछ ही महीनों के भीतर सभी कानूनी कागजात और वीज़ा प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। इसके लिए एजेंसी ने लोगों से उनके असली पासपोर्ट और कुवैत की रेजिडेंसी परमिट यानी इकामा भी जमा करवा लिए थे ताकि प्रक्रिया जल्द शुरू की जा सके।
पैसे वसूलने के बाद टालमटोल और बहानेबाजी
जब महीनों बीत जाने के बाद भी किसी को नौकरी नहीं मिली और न ही वीज़ा प्रक्रिया आगे बढ़ी, तो पीड़ितों ने एजेंसी से संपर्क करना शुरू किया। लोगों ने अपने पैसे वापस मांगे क्योंकि वे इस देरी से परेशान हो चुके थे। इस पर एजेंसी के मालिक ने अजीबोगरीब बहाना बनाते हुए कहा कि सारा पैसा पहले ही वीज़ा प्रोसेसिंग फीस में खर्च हो चुका है इसलिए रिफंड देना मुमकिन नहीं है। जब पीड़ितों ने इस धोखाधड़ी के खिलाफ आवाज उठाई और मामला तूल पकड़ा, तो अरब टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार 3 सितंबर को यह मामला सार्वजनिक हुआ और जांच का दायरा बढ़ा दिया गया।
पुलिस जांच और अधिकारियों की चेतावनी
जांच के दौरान जब कैपिटल गवर्नरेट की इन्वेस्टिगेशन यूनिट ने आरोपी एजेंसी के मालिक को पूछताछ के लिए बुलाया, तो वह सामने नहीं आया। इसके बाद पब्लिक प्रॉसिक्यूश की ओर से गिरफ्तारी का आदेश जारी किया गया और क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट ने संदिग्ध को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पैसे मिलने की बात तो कबूल की, लेकिन यह अजीब दलील दी कि वह अभी भी नौकरी की व्यवस्था करने की कोशिश कर रहा था और उसे थोड़ा और समय चाहिए था। इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है और अधिकारियों ने यह भी जांच शुरू कर दी है कि क्या इस एजेंसी के पास विदेश में भर्ती करने का कोई वैध लाइसेंस था भी या नहीं। प्रशासन ने सभी प्रवासियों को सलाह दी है कि वे किसी भी एजेंट के झांसे में आने से पहले संबंधित दूतावास या वाणिज्य दूतावास के जरिए आधिकारिक चैनलों से कागजी कार्रवाई की सच्चाई खुद जांच लें। साथ ही, अपने पास मौजूद सभी अनुबंध, रसीदें और बातचीत के रिकॉर्ड सुरक्षित रखें ताकि जरूरत पड़ने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जा सके। कुवैत में आपातकालीन स्थिति के लिए 112 पर संपर्क किया जा सकता है, जबकि साइबर क्राइम विभाग से 97283939 पर और सीत्रा से 125 पर संपर्क किया जा सकता है।