Kuwait News: कुवैत ने खत्म किया वीजा और रेजीडेंसी का ऑटोमैटिक Extension, 1 सितंबर 2026 से नया नियम लागू

Sushma Kumari13 September 20263 min read38 viewsKuwait
Kuwait News: कुवैत ने खत्म किया वीजा और रेजीडेंसी का ऑटोमैटिक Extension, 1 सितंबर 2026 से नया नियम लागू

कुवैत में रहने वाले प्रवासियों और वहां जाने की सोच रहे लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। कुवैत के गृह मंत्रालय ने ईरान संघर्ष के दौरान शुरू की गई वीज़ा और ऑटोमैटिक अनुपस्थिति परमिट की विशेष छूट को आधिकारिक तौर पर समाप्त कर दिया है। यह नया बदलाव 1 September 2026 से पूरी तरह लागू हो गया है, जिससे अब सभी पुरानी व्यवस्थाएं खत्म हो चुकी हैं। अब वहां के सरकारी नियमों के मुताबिक रेजीडेंसी की स्थिति को केवल और केवल डिजिटल माध्यम से ही संचालित किया जाएगा, जिसमें किसी भी तरह के पुराने कागजी कामों की कोई जगह नहीं बचेगी। इस बड़े कदम से भारत और अन्य देशों से कुवैत में रह रहे कामगारों और उनके परिवारों पर सीधा असर पड़ेगा, जिन्हें अब स्थानीय कानूनों और तय समयसीमा का बहुत ज्यादा ध्यान रखना होगा।

Sahel ऐप बना एकमात्र जरिया

नए आदेश के अनुसार, परिवार, काम और मेडिकल विजिट समेत किसी भी तरह के मौजूदा विज़िटर वीज़ा के लिए मिलने वाली ऑटोमैटिक एक्सटेंशन सुविधा को पूरी तरह रोक दिया गया है। जो प्रवासी इस समय देश से बाहर हैं, वे अब अपनी मूल कानूनी समयसीमा के दायरे में आ गए हैं। जिन लोगों ने 31 August 2026 या उससे पहले देश छोड़ दिया था, वे अपनी पिछली विशेष स्थिति का लाभ तो उठा पाएंगे, लेकिन उनके लौटने की सटीक आखिरी तारीख अब केवल Sahel एप्लीकेशन पर मिलने वाले रेजीडेंसी स्टेटस सर्टिफिकेट में ही दिखाई देगी। गृह मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि Sahel ऐप से मिलने वाला यह डिजिटल सर्टिफिकेट ही एक्सपायरी डेट देखने का एकमात्र आधिकारिक जरिया है। यदि कोई प्रवासी इन तय तारीखों के बाद भी देश से बाहर रहता है, तो उसे रेजीडेंसी परमिट उल्लंघन का सामना करना पड़ सकता है।

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देश से बाहर रहने के पुराने नियम बहाल

कुवैत से बाहर बिताए जाने वाले समय को लेकर सामान्य नियम फिर से लागू कर दिए गए हैं, जिसके तहत आम तौर पर 6 months यानी छह महीने से ज्यादा बाहर रहने की अनुमति नहीं होती है। वहीं, घरेलू कामगारों यानी आर्टिकल 20 के तहत आने वाले हेल्पर्स, ड्राइवर्स, कुक, नर्सेज और आया के लिए यह समयसीमा बेहद सख्त यानी केवल 4 months यानी चार महीने की है। भारत, नेपाल, फिलीपींस, श्रीलंका और इथियोपिया जैसे देशों से आने वाले इन घरेलू कामगारों को इस नियम का विशेष रूप से पालन करना होगा। अगर कोई बिना किसी पूर्व अनुमति के इस तय सीमा से ज्यादा दिन बाहर बिताता है, तो उसका परमिट रद्द किया जा सकता है। इसके अलावा, प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को देश छोड़ने से पहले अपने स्पॉन्सर के जरिए Sahel या Ashal पोर्टल से अधिकृत एग्जिट परमिट लेना अनिवार्य कर दिया गया है। परिवार के नवीनीकरण के लिए 800 Dinar मासिक सैलरी की शर्त भी अभी लागू है।

नागरिकता खो चुके लोगों के लिए बड़ी राहत

एक अलग फैसले के तहत, मंत्रीस्तरीय निर्णय संख्या 1410/2026 के माध्यम से एक नया प्रावधान जोड़ा गया है जिसे Article 7-bis कहा जाता है। इसके तहत उन लोगों को 10 years यानी दस साल का रेजीडेंसी परमिट दिया जाएगा जिनकी कुवैती नागरिकता किसी कारणवश रद्द कर दी गई थी लेकिन उनके पास कोई अन्य राष्ट्रीयता है। इन लोगों को सालाना नवीनीकरण फीस से पूरी तरह छूट दी गई है। हालांकि, इनके पति या पत्नी और माता-पिता को प्रति वर्ष 10 Dinar और अन्य रिश्तेदारों को 300 Dinar की फीस चुकानी होगी। इस खास वर्ग को भी 6 महीने की अनुपस्थिति के नियम से छूट दी गई है, ठीक वैसे ही जैसे कुवैती महिलाओं के बच्चों, प्रॉपर्टी मालिकों और निवेशकों को मिलती है। गृह मंत्रालय ने सभी प्रवासियों को सलाह दी है कि वे किसी भी पुराने दस्तावेज पर भरोसा न करें और अपनी सही जानकारी केवल Sahel ऐप के जरिए ही जांचें।

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