Kuwait Oil Export: होर्मुज जलडमरूमध्य से बचने के लिए कुवैत बना रहा है नए पाइपलाइन रूट

Nura Basta8 September 20263 min read40 viewsKuwait
Kuwait Oil Export: होर्मुज जलडमरूमध्य से बचने के लिए कुवैत बना रहा है नए पाइपलाइन रूट

कुवैत सरकार ने अपने कच्चे तेल के निर्यात को सुरक्षित रखने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। क्षेत्रीय तनाव और समुद्री मार्ग में आ रही रुकावटों को देखते हुए कुवैत अब सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE के रास्ते नए पाइपलाइन विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के कारण समुद्री व्यापार को जो भारी नुकसान हुआ, उसके बाद यह फैसला लिया गया। इस नई योजना का मकसद बिना किसी बाधा के अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों तक तेल पहुंचाना है ताकि देश की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर कोई बुरा असर न पड़े।

सिंगापुर सम्मेलन में हुआ खुलासा

सिंगापुर में आयोजित एशिया पैसिफिक पेट्रोलियम कॉन्फ्रेंस के दौरान 8 सितंबर 2026 को कुवैत के अधिकारी Shaikh Khaled ने इस बात की पुष्टि की थी। उन्होंने बताया कि कुवैत अपने सभी ग्राहकों को तेल देने में सक्षम है, लेकिन इसके बावजूद मौजूदा निर्यात की मात्रा पर अभी भी असर पड़ा है। पिछले साल जहां हर दिन 1.6 मिलियन बैरल कच्चे तेल का शिपमेंट होता था, वहीं अब यह सुधरकर लगभग दो-तिहाई तक पहुंच गया है। टैंकरों ने क्षेत्रीय तनाव से बचने के लिए अब नए रास्तों की तलाश शुरू कर दी है, जिससे हालात में कुछ सुधार देखने को मिला है।

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तेल मंत्री का बड़ा बयान

इससे पहले अगस्त 2026 में कुवैत के तेल मंत्री Tariq Sulaiman Al-Roumi ने यह ऐलान किया था कि सरकार क्षेत्रीय साझेदारों के साथ मिलकर एक बड़ी क्रूड ऑयल पाइपलाइन बनाने पर चर्चा कर रही है। जब होर्मुज जलडमरूमध्य शुरुआती दौर में बंद हुआ था, तब समुद्री मार्ग से होने वाला कच्चे तेल का निर्यात पूरी तरह से ठप पड़ गया था। मंत्री ने इस प्रस्तावित प्रोजेक्ट को एक बहुत बड़ा काम बताया, जिसका मुख्य उद्देश्य तेल भेजने का सबसे सस्ता और सुरक्षित रास्ता तैयार करना है।

क्षेत्रीय नेटवर्क का इस्तेमाल

कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (KPC) के डिप्टी चेयरमैन और सीईओ Shaikh Nawaf Saud Al-Sabah इन सभी बातचीत में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। जून 2026 से KPC सऊदी अरब और UAE के पहले से मौजूद नेटवर्क में कुवैत के तेल को जोड़ने पर विचार कर रहा है। इसमें सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन यानी पेट्रोलाइन शामिल है जो लाल सागर के यानबू बंदरगाह तक जाती है। इसके अलावा UAE की आबू धाबी क्रूड ऑयल पाइपलाइन का भी विकल्प है जो ओमान की खाड़ी में फुजैरह बंदरगाह पर खत्म होती है। ओमान को भी क्षेत्रीय बंदरगाहों तक ट्रांजिट के लिए एक संभावित रास्ते के रूप में देखा गया है।

अरबों डॉलर का निवेश और वित्तीय रणनीति

जुलाई 2026 में Shaikh Nawaf ने घरेलू पाइपलाइन नेटवर्क से जुड़े 16 अरब डॉलर के एक लीज-एंड-लीज-बैक समझौते की जानकारी दी थी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य ब्लैकस्टोन, ब्रुकफील्ड, केकेआर, ब्लैकराॅक, ईआईजी पार्टनर्स और विभिन्न चीनी सरकारी उद्यमों जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से पैसा खींचना है। क्षेत्रीय संघर्ष के बीच जब कुवैत अपने तेल निर्यात को स्थिर करने की कोशिश कर रहा है, तो इस तरह की वित्तीय योजनाएं बुनियादी ढांचे के विकास को मजबूत करने में मदद करेंगी। इससे खाड़ी देशों में काम कर रहे प्रवासियों और भारतीय कामगारों के लिए भी रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में स्थिरता बनी रहेगी।

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