डिजिटल धोखाधड़ी रोकने के लिए कुवैत एक्सचेंज यूनियन और सेंट्रल बैंक मिलकर करेंगे काम
कुवैत एक्सचेंज यूनियन और सेंट्रल बैंक डिजिटल धोखाधड़ी रोकने के लिए मिलकर काम करेंगे। नए नियमों से ग्राहकों के पैसे सुरक्षित रहेंगे।

कुवैत: देश में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड और इलेक्ट्रॉनिक खतरों से निपटने के लिए कुवैत एक्सचेंज यूनियन ने कमर कस ली है। यूनियन ने इस दिशा में सेंट्रल बैंक ऑफ कुवैत (CBK) और अन्य नियामक संस्थाओं के साथ मिलकर काम करने और सुरक्षा इंतजामों को मजबूत करने का ऐलान किया है।
साल 2026 के दौरान वित्तीय सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए कई जरूरी कदम उठाए गए हैं। सेंट्रल बैंक ने एक्सचेंज कंपनियों के लिए एक विशेष समन्वय कक्ष (कोऑर्डिनेशन चैंबर) से जुड़ना अनिवार्य कर दिया है। इस सिस्टम का मकसद धोखाधड़ी वाली गतिविधियों की रियल-टाइम रिपोर्टिंग और उनकी ट्रैकिंग करना है।
इस व्यवस्था का दायरा इस साल की शुरुआत में इलेक्ट्रॉनिक भुगतान सेवा प्रदाताओं तक भी बढ़ा दिया गया है। इसके तहत अब कंपनियों को अकाउंटिंग और खुलासे के कड़े मानकों का पालन करना होगा, ताकि ग्राहकों के फंड की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
ये कदम राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे का हिस्सा हैं, जिसमें अप्रैल 2026 में नेशनल साइबर सिक्योरिटी सेंटर द्वारा पेश किए गए नेशनल बेसिक साइबर सिक्योरिटी कंट्रोल्स (NBCC) शामिल हैं। इन निर्देशों के मुताबिक वित्तीय संस्थानों को गवर्नेंस, जोखिम प्रबंधन और घटना प्रतिक्रिया के लिए एक अनिवार्य साइबर सुरक्षा बेसलाइन बनाए रखनी होगी।
सेंट्रल बैंक डिजिटल जोखिमों से निपटने के लिए अपने साइबर और ऑपरेशनल रेजिलिएंस फ्रेमवर्क का इस्तेमाल भी कर रहा है। इसके साथ ही आम लोगों को फिशिंग और फर्जी पहचान वाले घोटालों की पहचान करने के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से अभियान चलाए जा रहे हैं।